• मानहानि मुकदमा: अंजना ओम कश्यप को दिल्ली हाई कोर्ट का राहत देने से इनकार

    दिल्ली हाई कोर्ट ने  सोमवार को पत्रकार  अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की तरफ से दायर मानहानि मुकदमे में कोई अंतरिम राहत देने से साफ मन कर दिया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-

    नई दिल्ली, 9 जून 2026. अदालत ने लोकप्रिय शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर और अन्य लोगों को अंतरिम राहत संबंधी आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की अवकाश कालीन पीठ के समक्ष हुई  सुनवाई में अंजना ओम कश्यप की तरफ से पेश वकीलों ने अदालत से कथित मानहानि कारक सामग्री हटाने, भविष्य में ऐसे पोस्ट और वीडियो प्रकाशित करने से रोकने तथा 2 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की.

    इस पर सुनवाई के दौरान प्रारंभिक आपत्ति उठाई गई. उनका तर्क था कि वर्तमान स्वरूप में यह मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि अंजना ओम कश्यप ने कई अलग-अलग लोगों के खिलाफ विभिन्न कारणों से उत्पन्न विवादों को एक ही याचिका में शामिल कर दिया है. दूसरे पक्ष का कहना था कि इन मामलों को अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियों के जरिए उठाया जाना चाहिए. वहीं, अंजना ओम कश्यप की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से सोशल मीडिया और  डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कथित  अपमानजनक और विषाक्त सामग्री पर ध्यान देने का आग्रह किया.

    हालांकि, अदालत ने तत्काल कोई राहत देने के बजाय पहले बचाव पक्ष से जवाब दाखिल करने को कहा. बार एंड बेंच के मुताबिक, विवाद की शुरुआत 29 मई को हुई, जब अंजना ओम कश्यप ने 'आज तक ' पर प्रसारित एक  शो के दौरान शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और ऑनलाइन " स्टार्ट टीचर्स  " के बढ़ते प्रभाव पर  टिप्पणी की थी. कश्यप का कहना है कि यह सार्वजनिक महत्व के मुद्दे पर की गई एक  वैध पत्रकारीय टिप्पणी थी.

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद 30 मई से 4 जून के बीच खान सर समेत कई लोगों ने उनके और इंडिया टुडे के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक मुहिम चलाई. मुकदमे में खान सर के अलावा शिक्षक अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी और अरविंद भदौरिया को भी पार्टी बनाया गया है. इसके अलावा कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स और 4 pm न्यूज़ नेटवर्क को भी इस मामले में आरोपी बनाया है.

    याचिका के मुताबिक, इन सब लोगों ने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट आदि में अंजना ओम कश्यप और आज तक को "बिकाऊ पत्रकार " ' चाटुकार ' जैसे शब्दों से संबोधित किया और उन पर 'दलाली' तथा 'फेक न्यूज़ की दुकान' चलाने जैसे आरोप लगाए.

    खान सर नहीं होंगे गिरफ्तार, पटना फायरिंग मामले में कोर्ट से मिली राहत
    बिहार के खान सर उर्फ फैसल खान को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. पटना जिला कोर्ट ने फायरिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. पटना जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान खान सर ने खुद को बेकसूर बताया. खान सर की तरफ से पेश हुए वकील अरविंद कुमार महुआर ने कोर्ट से कहा, 'गोली आत्मरक्षा में चलाई गई. किसी तरह से भय फैलाना मकसद नहीं था.' खान सर के वकील ने बताया कि अग्रिम जमानत याचिका पर  20 जून को सुनवाई होगी.

    ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के बाहर खान सर के गार्ड द्वारा की गई फायरिंग के मामले में पुलिस कई लोगों को हिरासत में ले चुकी है. फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद खान सर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी. पुलिस खान सर को गिरफ्तार करने के लिए तलाश रही थी. लेकिन पटना कोर्ट से अब खान सर को बड़ी राहत मिल गई है.