• पंजाब के कपूरथला जेल में संग्राम, बैरक नंबर-4 बना अखाड़ा, कैदियों में खूनी खेल, प्रशासन पर फायरिंग का आरोप

    पंजाब की  कपूरथला सेंट्रल जेल में मामूली कहासुनी ने हिंसा का रूप ले लिया. कैदी आपस में ही  भिड़ गए. कैदियों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने उन पर फायरिंग की. दूसरी ओर उत्तेजित कैदियों ने जेल परिसर में  आग लगाने की भी कोशिश की. अब हिंसा में शामिल कैदियों की पहचान की जा रही है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    कपूरथला, 24 मई 2026. पंजाब की कपूरथला सेंट्रल जेल में मामूली कहासुनी ने हिंसा का रूप ले लिया. कैदी आपस में ही  भिड़ गए. कैदियों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने उन पर फायरिंग की है. जानकारी के मुताबिक, पंजाब की कपूरथला सेंट्रल जेल शनिवार देर रात उस समय रण क्षेत्र में तब्दील हो गई, जब कैदियों के दो  गुटों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया. रात करीब 8:30 बजे शुरू हुई इस झड़प ने देखते ही देखते पूरे जेल परिसर में अफरा - तफरी मचा दी. आक्रोशित कैदियों ने जेल की संपत्ति को निशाना बनाते हुए बैरक नंबर-4 की अंदरूनी दीवारों को तोड़ डाला और जेल के एक हिस्से में आग लगाने की कोशिश की.

    इस घटना के दौरान जेल प्रशासन और वहां तैनात पुलिस बल में हड़कंप मच गया. हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिस टीम पर भी कैदियों द्वारा हमला किए जाने की बात सामने आई है. इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिम कैदी जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं. कैदियों का दावा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलियां चलाई गई. हालांकि, प्रशासन की ओर से इस दावे की अभी तक पुष्टि नहीं की गई है.

    रात में ही मौके पर पहुंचे एसएसपी

    घटना की जानकारी देते हुए कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने कहा कि कपूरथला जेल में कुछ कैदियों के बीच आपसी कलह होने की खबर मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन और पुलिस ने  संयुक्त रूप से हालात को नियंत्रित किया और कानून व्यवस्था बहाल की गई. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कुछ कैदी जेल की छतों पर चढ़ गए थे. जिन्हें सुरक्षित नीचे उतार लिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी घटना केवल  ब्लॉक नंबर 4 तक सीमित रही. एसपी तूरा ने यह भी बताया कि इस कार्रवाई के दौरान किसी भी पुलिस कर्मी को  चोट नहीं आई और ना ही कोई कैदी जेल से फरार हुआ. फिलहाल जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और हिंसा फैलाने वाले कैदियों की पहचान की जा रही है.

    फर्जी साइन का आरोप

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को एक कैदी को दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट करने के लिए एसपी जेल के फर्जी साइन करके उसे शिफ्ट किया जा रहा था. इसी पर कैदी प्रशासन पर भड़क गए. बाद में कैदी बेकाबू हो गए और एक ब्लॉक को आग के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं, कुछ कैदी छतों पर चढ़कर उत्पाद मचाने लगे तो इस दौरान गोली चलानी पड़ गई.