• नकली आईएएस अफसर डीएम से मिलने पहुंचा, 20 मिनट की बातचीत में खुल गई युवक की पोल, हुआ गिरफ्तार


    बिहार के छपरा में एक नकली आईएएस अफसर रितेश पंडित हुआ भंडाफोड़. रितेश खुद असली डीएम से मिलने छपरा कलेक्ट्रेट पहुंचा था. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
    छपरा, 3 फरवरी 2026. बिहार के छपरा शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक खुद को   आईएएस अफसर बताकर बड़े अफसरों से मिलने पहुंच गया. छपरा स्थित डीएम कार्यालय में इस युवक ने डीएम वैभव श्रीवास्तव से मुलाकात की लेकिन कुछ ही वक्त में डीएम को युवक पर  संदेह हुआ और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. हालांकि, पुलिस ने युवक के विरुद्ध फर्जरी का केस दर्ज कर उसे तुरंत अरेस्ट कर लिया.

    नकली अफसर का आत्मविश्वास 

    सोमवार दोपहर करीब 3 बजे रितेश कुमार पंडित नाम के एक युवक छपरा स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचा और उसने वहां मौजूद आदेश पाल को  अपना परिचय दिया कि वह यूपी के मेरठ के आईएएस अधिकारी हैं और आवश्यक कार्य से यहां के डीएम से मिलना चाहते हैं. युवक के व्यवहार से प्रभावित होकर आदेशपाल ने डीएम ऑफिस भेज दिया.

    20 मिनट की बातचीत में डीएम को हुआ संदेह 

    डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट  वैभव श्रीवास्तव से युवक की मुलाकात हुई और उसने उन्हें भी खुद को 2022 बैच का  आईएएस अफसर और यूपी के मिर्जापुर के सिटी कमिश्नर बताया. करीब 20 मिनट तक चली बातचीत में डीएम वैभव ने युवक की भाषा और हाव - भाव से संदेहित हो गए और युवक से  आधिकारिक कागजात दिखाने को कहा, लेकिन युवक रितेश  घबरा गया और कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया.

    उगल दिया सब कुछ सच-सच 

     सख्त पूछताछ के दौरान युवक ने सब कुछ सच-सच उगल दिया. उसने पुलिस को बताया कि वह ना तो आईएएस हैं और न ही किसी सरकारी पद पर कार्यरत हैं. पुलिस ने इसकी पहचान रितेश कुमार पंडित के रूप में की है, जो छपरा जिले के बसाढी का रहने वाला है. छपरा टाउन पुलिस अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    काम करवाने के लिए ठगी का खेल 

    पुलिस हिरासत में रितेश पंडित ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर यूपीएससी और बीपीएससी  की तैयारी करता था लेकिन वह लोगों पर धौंस जमाने और शासकीय दफ्तरों में नौकरी दिलवाने के लिए खुद को आईएएस अधिकारी बताता था. वहीं, अलग-अलग दफ्तरों में जाकर नौकरी दिलवाने के नाम पर लोगों से  मोटी रकम वसूलता था. वह अपने गांव में भी खुद को बड़े अफसर बताकर  हनक दिखता था.

    रितेश कई मौजूदा और पूर्व अफसरों से भी मिल चुका है

    मालूम पड़ा है कि युवक डीएम वैभव से मिलने के पहले एसएसपी विनीत कुमार से भी मिल चुका है और छपरा के पूर्व डीएम, एसपी  से कई बार मुलाकात कर चुका है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रितेश पंडित 6 महीने पहले जिलाधीश कार्यालय आया था. छपरा के सदर एसएसपी राम पुकार सिंह के मुताबिक, डीएम को युवक पर  होने पर इसकी जांच की गई और नकली अधिकारी का पहचान दिवाली का भजन का खुलासा हुआ. हालांकि, अन्य पहलुओं की जांच जारी है.