• 2026 की पीच पर बिछेगी पांच राज्यों की चुनावी बिसात, एनडीए से ज्यादा इंडिया ब्लॉक की अग्नि परीक्षा

    वर्ष 2025 बीत चुका है और 2026 की दस्तक के साथ ही   देश के पांच राज्यों में  विधानसभा चुनाव होने हैं. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी. इन राज्यों के चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए से ज्यादा  विपक्षी गठबंधन  इंडिया ब्लॉक की साख दांव पर लगी हुई है. हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ  यह विशेष रिपोर्ट :-
    कोलकाता/ गुवाहाटी/ चेन्नई/ तिरुवनंतपुरम / हैदराबाद, 2 जनवरी 2026. वर्ष 2025 अलविदा हो चुका है और नए साल की दस्तक के साथ हम 2026 में दाखिल हो चुके हैं. भारत के सियासी परिदृश्य  के लिहाज से  2026 को चुनावी वर्ष के तौर पर देखा जा रहा है. साल का आगाज   महाराष्ट्र के बीएमसी सहित 29 महानगरों में निगम चुनाव है. तो दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक  विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें असल इम्तिहान एनडीए का नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन का होने वाला है.

    देश के लिए 2026 पूरी तरह चुनावी साल रहने वाला है. पूर्वी भारत के  पश्चिम बंगाल, असम के साथ  दक्षिण भारत के  पुडुचेरी, तमिलनाडु  और केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके अलावा 75 राज्यसभा सीटों पर अप्रैल से लेकर नवंबर तक चुनाव होने हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव है, जिसे 2027 का सेमी फाइनल माना जा रहा है. 2026 के चुनावी नतीजे और राजनीतिक गतिविधियों से सिर्फ सूबे की सियासी बिसात ही नहीं बिछेगी बल्कि देश की दशा और दिशा भी तय हो जाएगी. ऐसे में राजनेताओं की बयानबाजी और हर रोज हो रही योजनाओं के ऐलान के चलते इन राज्यों में चुनावी माहौल पर सियासी रंग चढ़ चुका है.


    2026 में बिछेगी पांच राज्यों में चुनावी बिसात 

    वर्ष 2026 में चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. असम विधानसभा में 126 सीटें, केरल में 140, तमिलनाडु में 234, पश्चिम बंगाल में 294 और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटें हैं.
                देश के अलग-अलग राज्यों की 75 राज्यसभा सीटें अप्रैल से लेकर जून और नवंबर तक खाली हो रही है, जिसमें यूपी की 10, बिहार की 5, महाराष्ट्र की 7, राजस्थान और मध्य प्रदेश की 3--3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. इसके अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा चुनाव होने हैं. महाराष्ट्र में मुंबई के बीएमसी शाहिद 29 महानगर पालिका परिषद में चुनाव हो रहे हैं.


    उपचुनाव - निकाय चुनाव का होगा इम्तिहान 

    वर्ष 2026 में देश के कुछ राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव भी हैं. मौजूदा विधायक के निधन से सीटें खाली हुई है. गोवा की पोंडा क्षेत्र, कर्नाटक का बागलकोट और यूपी की घोसी सीट जबकि महाराष्ट्र की राहुरी, मणिपुर की ताडूबी और नागालैंड की कोरिडांग सीट पर चुनाव होने हैं.
              इसके अलावा कई राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं, जिसमें महाराष्ट्र से लेकर यूपी तक शामिल हैं. महाराष्ट्र में बीएमसी सहित  29 महानगर निगम के चुनाव हो रहे हैं, लेकिन जिला परिषद और पंचायत समितियां के चुनाव भी 2026 में होना है. चुनाव आयोग ने 31 जनवरी 2026 तक निकाय चुनाव कराने का लक्ष्य रखा है. जबकि हिंदी पट्टी के सबसे अहम सूबे यूपी में पंचायत चुनाव 2026 में होने हैं, जिसे 2027 का सेमी फाइनल  माना जा रहा है. ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्यों और अध्यक्षों के चुनाव भी होंगे.


    बंगाल में ममता बनर्जी की होगी अग्नि परीक्षा
    पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल  7 मई, 2026 को खत्म हो रहा है, जिसके चलते यहां पर निर्वाचन आयोग अप्रैल - मई, 2026 में चुनाव करा सकता है. पश्चिम बंगाल में कुल  294 विधानसभा सीटें हैं. 2021 के चुनाव में टीएमसी ने  213  सीटें जीती थी. वहीं बीजेपी को सिर्फ 77 सीटें मिली थी. ममता बनर्जी 2011 से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हैं और टीएमसी लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव जीत चुकी है. ऐसे में ममता बनर्जी की कोशिश लगातार चौथी बार जीत के लिए  बेताब है. हालांकि ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता को बचाए रखने की परीक्षा है तो लेफ्ट और कांग्रेस को अपने सियासी वजूद को बचाए रखने का भी चुनाव है.