BMC Mayor Selection: मुंबई में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी लेकिन मेयर के चुनाव में शिंदे फैक्टर से नया पेंच
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में बीजेपी की भारी जीत के बाद देश की सबसे समृद्ध महानगर पालिका बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के मेयर पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
मुंबई/ हैदराबाद, 19 जनवरी 2026. चुनाव में महायुति की निर्णायक जीत के एक दिन बाद, मेयर के अहम पद को लेकर बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच खींचतान सामने आ गई है. बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन उसे अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है. हालांकि, उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिली है. 227 सीटों वाली बीएमसी में बीजेपी शिवसेना ( शिंदे) गठबंधन को कुल मिलाकर 118 सीटें मिली है. स्पष्ट बहुमत के बावजूद मेयर के पद पर सहमति बनाना आसान नहीं दिख रहा.
दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) 65 और कांग्रेस के 24 पार्षद जीते हैं. सूत्रों की मानें तो शिंदे ने पार्टी के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को शहर के एक पांच सितारा होटल में ठहराया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी नेताओं ने इसे प्रतिद्वंद्वी दलों की ओर से कथित तोड़फोड़ की कोशिश से बचाव का कदम बताया. उधर, शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने होटल को जेल बनाने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, "एकनाथ शिंदे ने होटल को जेल बना दिया है. ताज होटल में चुनाव जीतकर जिन पार्षदों को रखा गया है, उन्हें रिहा किया जाना चाहिए. उन्हें डर के मारे वहां रखा गया है. कई पार्षद हमारे संपर्क में हैं. मुंबई में बीजेपी का मेयर कौन चाहता है? यहां तक कि एकनाथ शिंदे भी यह नहीं चाहते."
बीजेपी और शिवसेना (शिंदे ) के बीच तनाव के संकेत शनिवार को उस समय भी मिले जब शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तरफ से बुलाई गई कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया. इससे पहले भी शिंदे कई बार कैबिनेट बैठकों से दूरी बनाकर फडणवीस सरकार के फैसलों पर अपनी नाराजगी जाता रहे हैं.
आखिर शिंदे क्या चाहते हैं?
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम शिवसेना की राजनीतिक अहमियत दिखाने और मेयर पद पर समझौता न करने के संकेत हैं. नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में ले जाने के पीछे शायद यह एक कारण है. हालांकि, शिवसेना के एक नवनिर्वाचित पार्षद अमोल घोले ने कहा, "किसी को भी जबरदस्ती वहां नहीं रखा गया है. हमें आगे भी रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाया गया है. शिवसेना प्रमुख शिंदे साहब सभी पार्षदों को मार्गदर्शन देंगे. इनमें से कई पहली बार पार्षद बने हैं और उनके लिए दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है... यहां 29 पार्षद मौजूद हैं." उन्होंने कहा कि मेयर का पद बीजेपी के साथ मिलकर तय किया जाएगा और उनकी पार्टी ने 'मेयर पद के लिए कोई मांग नहीं रखी' है.