कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के करीब 4 घंटे बाद 'सुसाइड नोट' पोस्ट हुआ; आत्महत्या या हादसा?
राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत के करीब 4 घंटे बाद उनका एक सुसाइड नोट सामने आया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
जोधपुर, 30 जनवरी 2026. सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए उनके कथित 'आत्महत्या नोट' में जिस अग्नि परीक्षा का जिक्र था, उसे 6 महीने पहले हुई एक घटना से जोड़कर देखा जा रहा है. साध्वी ने खुद के ही पूर्व कर्मचारी पर ब्लैकमेलिंग, चरित्र हनन और 20 लाख रुपए की फिरौती मांगने का आरोप लगाते हुए बोरानाडा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर साध्वी का एक वीडियो वायरल हुआ था इस वीडियो में वे एक व्यक्ति के गले मिलते नजर आ रही थी. इसे अश्लील बताकर प्रचारित किया गया. साध्वी ने 16 जुलाई को बोरानाडा पुलिस थाने में इस मामले की प्राथमिकी लिखवाई थी. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति उनके पिता वीरनाथ (गुरुजी) हैं. यह वीडियो 2021 का था, जब वे अवसाद में थी और पिता ने उन्हें ढांढ़स बंधया था.
ब्लैकमेलिंग और 20 लाख की मांग
पुलिस जांच और साध्वी की शिकायत के मुताबिक, इस साजिश के पीछे उनके ही पूर्व कर्मचारी था. इनमें साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाला जोगेंद्र उर्फ जोगाराम, पूर्व ड्राइवर रमेश, योगेंद्र की पत्नी कृष्ण और दो अन्य लोग शामिल थे. साध्वी ने आरोप लगाया था कि जोगेंद्र ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से इसे निकाला था और बाद में उसने और उसके साथियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 20 लाख रुपए की मांग की. हालांकि, जब मैंने पैसे देने से इनकार किया, तो उन्होंने 13 जुलाई 2025 को वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया.
पुलिस ने जोगेंद्र को गिरफ्तार किया
बोरानाडा पुलिस ने मुख्य आरोपी जोगेंद्र उर्फ जोगाराम बाड़मेर निवासी को 20 जुलाई 2025 में गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस पूछताछ में उसने कबूला था कि वो साध्वी से रंजिश रखता था. बदला लेने के लिए ड्राइवर रमेश की मदद से उसने वीडियो चुराया था. इसका मकसद न केवल पैसे ऐंठना था, बल्कि साध्वी की भागवत कथाओं को रद्द करवाना भी था. वह आयोजकों को यह वीडियो दिखाकर भ्रमित करता था, जिससे कई कार्यक्रम रद्द भी हुए.
साध्वी ने कहा था- मैं अग्नि परीक्षा के लिए तैयार
तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आरोपियों ने बाप बेटी के रिश्ते को गलत तरीके से पेश कर साध्वी की छवि को धूमिल किया. साध्वी ने उस वक्त कहा था -- इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है. मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्नि परीक्षा देने को तैयार हूं.
सुसाइड नोट में भी उसी घटना की ओर इशारा
बीते बुधवार 28 जनवरी 2026 को साध्वी की मौत होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर लिए कथित सुसाइड नोट में भी उसी घटना की जिक्र है. साध्वी ने लिखा कि -- मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?
जमानत के बाद क्या हुआ?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ? क्या जमानत पर छूटने के बाद आरोपी फिर से साध्वी को परेशान कर रहे थे? सुसाइड नोट और मौत की टाइमिंग पर भी सवाल? हालांकि पुलिस साध्वी मौत को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है.
गुरुवार को हुआ पोस्टमार्टम
गुरुवार 29 जनवरी 2026 को पोस्टमार्टम के बाद प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि साध्वी को तेज बुखार था और आश्रम में ही किसी कंपाउंडर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया था. उसी वक्त वे निढाल हो गई. कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के चार घंटे बाद कथित सुसाइड नोट पोस्ट, लिखा-- मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा हो रही हूं. मामला तब और पेचीदा हो गया, जब डॉक्टर द्वारा उन्हें मृत घोषित किए जाने के करीब 4 घंटे बाद 'सुसाइड नोट' पोस्ट हुआ.