वो पत्रकारिता की एक प्रभावशाली आवाज थे; मार्क टली के निधन पर बोले PM मोदी
भारत में बीबीसी के पूर्व संवाददाता और मशहूर पत्रकार मार्क टली का रविवार को 90 साल की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया. दशकों तक मार्क टली की आवाज ब्रिटेन और दुनिया भर में बीबीसी के चाहने वालों के लिए जानी- पहचानी थी. एक संवाददाता के तौर पर वो भारत में काफी लोकप्रिय थे.
नई दिल्ली/ हैदराबाद, 26 जनवरी 2026. मार्क टली ने युद्ध, अकाल, देंगे और हत्याएं, भोपाल गैस त्रासदी और ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसी कई घटनाओं को कवर किया था. उन्होंने साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस को भी कवर किया था, जहां एक बड़ी भीड़ ने उन्हें कई घंटों तक एक कमरे में बंद कर लिया था. बाद में एक स्थानीय अधिकारी और एक हिंदू पुजारी ने उनकी मदद की. मार्क टली के निधन पर कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है.
पीएम मोदी से लेकर कई शख्सियतों ने उन्हें याद किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्क टली के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "मार्क टली पत्रकारिता की एक प्रभावशाली आवाज थे. निधन से दुख हुआ. यहां के लोगों से उनका गहरा जुड़ाव उनके काम में साफ दिखता था. उनकी रिपोर्टिंग और उनके विचारों ने विमर्श पर एक स्थायी असर छोड़ा है. उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं." उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक पोस्ट में लिखा, "मुझे मशहूर पत्रकार मार्क टली के निधन से बहुत दुख हुआ. कोलकाता में जन्मे पत्रकार ने बीबीसी के लिए भारत को कवर किया. वे भारत से बहुत प्यार करते थे और भारत को अपना मानते थे.
प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया ने भी मार्क टली के निधन पर दुख व्यक्त किया
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पोस्ट पर लिखा, "खबर की गहराई से रिपोर्टिंग और भारत के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य की गहरी समझ रखने वाले मार्क टली का खासकर बीबीसी के साथ अपने कार्यकाल के दौरान पत्रकारिता में योगदान अमूल्य है. मार्क टली रेडियो पत्रकारिता के एक अग्रणी दिग्गज थे."
इसी क्रम में हैदराबाद के वरिष्ठ पत्रकार देहाती विश्वनाथ ने मार्क टली के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने कहा कि भारत से गहरा लगाव रखने वाले बीबीसी के दिग्गज पत्रकार मार्क टली अब नहीं रहे. बीबीसी में उनके दोस्त और लंबे समय तक उनके साथ काम करने वाले सतीश जैकब मैं फोन पर यह दुखद खबर शेयर की. पत्रकार देहाती ने मार्क टली के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे अपनी पीढ़ी के शायद सबसे परखी पत्रकार थे, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की बातें की.
मार्क टली का जन्म साल 1935 में कलकत्ता जो अब कोलकाता है, में हुआ था, यानी भारत में ब्रिटिश शासन के दौर में. उनके पिता एक बिजनेसमैन थे. उनकी मां का जन्म भी बंगाल में ही हुआ था. उनका परिवार पीढ़ियों से भारत में व्यापारी और प्रशासक के तौर पर काम करता आ रहा था. मार्क टली को हिंदी का भी काफी अच्छा ज्ञान था. वो ऐसे इंसान थे जो सत्ता के सामने खड़े होने और सच बोलने के लिए हमेशा तैयार रहते थे, चाहे वह कितना भी मुश्किल क्यों ना हो. निजी और पेशेवर दोनों तरह से उनकी बहुत, कमी खलेगी. ओम शांति