माता-पिता की सेवा न करने वाले सरकारी कर्मचारियों का कटेगा 10 परसेंट वेतन, राज्य में बनेगा नया कानून
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा है कि जल्द ही एक कानून लाया जाएगा जिसके तहत अगर सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता से उचित व्यवहार नहीं करते हैं, तो उनके वेतन का 10% सीधे उनके माता-पिता के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. बुजुर्ग माता-पिता के अपने बच्चों के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा. हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट :-
हैदराबाद, 14 जनवरी 2026. तेलंगाना सरकार बुजुर्ग माता-पिता के पक्ष में सख्त कानून बनाने जा रहा है. इस कानून के तहत उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10% की कटौती की जाएगी जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं. कर्मचारी के अकाउंट से रुपए काटकर यह पैसा माता-पिता के बैंक के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि बूढ़े माता-पिता द्वारा अपने बेटों के खिलाफ की गई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सैलरी का 10% सीधे उनके माता-पिता के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने दिव्यांग व्यक्तियों को रेट्रो फिटेड मोटराइज्ड वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिल, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, सुनने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक उपकरण निशुल्क बांटने की शुरुआत करते हुए यह घोषणा की. सरकार ने इस नई योजना के लिए 50 करोड रुपए आवंटित किए हैं. वहीं, राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'प्रणाम' नाम से डे - केयर सेंटर भी स्थापित कर रही है.
अगले बजट सत्र में पेश होगा बिल रेवंत रेड्डी ने यह घोषणा की कि 2026-- 27 के बजट प्रस्तावों में एक नई स्वास्थ्य नीति बिल पेश की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए, सरकार ने अगले बजट सत्र में एक नई स्वास्थ्य नीति बिल पेश करने का फैसला किया है.
ट्रांसजेंडर्स के लिए गुड न्यूज़
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले चुनावों में सभी नगर निगमों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को को - ऑप्शन सदस्य के रूप में नॉमिनेट किया जाएगा. वहीं, हर नगर निगम में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक को -ऑप्शन सदस्य पद आवंटित किया जाएगा. इससे ट्रांसजेंडर लोगों को अपनी समस्याओं को उठाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए पहले ही कई योजनाएं शुरू की है.
दिव्यांगों के लिए घोषणा
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, हमारी सरकार मानवीय दृष्टिकोण से काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिव्यांग व्यक्ति समाज में आत्मसम्मान के साथ रह सके. दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें शिक्षा रोजगार में विशेष कोटा दिया गया है. सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि नव विवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को 2 लाख रुपए दिए जाएंगे. उन्होंने इन अवसरों का लाभ उठाने की भी अपील की. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत जयपाल रेड्डी को याद किया, जो सर्वश्रेष्ठ सांसद बने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए प्रेरणा बने. उन्होंने कहा कि जयपाल रेड्डी ने दिव्यंका का सामना करने के बावजूद बड़ी ऊंचाइयों को छुआ.