हैदराबाद में अंतरराष्ट्रीय बहुभाषी कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह संपन्न, थाईलैंड से भी पहुंचे कवि
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-हैदराबाद, 2 फरवरी 2026. बीते शनिवार को 'काव्य कौमुदी' बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक एवं काव्य संस्था की ओर से जनवरी 31 (शनिवार) को राजन चौधरी पुरस्कार सह चार अन्य पुरस्कारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बहुभाषीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया.
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई साहित्यकारों, कवियों और लेखकों को राजन चौधरी साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया. सम्मानित हुए विशिष्ट साहित्यकारों को पुरस्कार राशि के साथ मोमेंटो व शाल प्रदान की गई. पुरस्कृत साहित्यकारों में मीना चौहान (दिल्ली), शालिनी नंदकेयोल्यार (कोलकाता), डॉ. के तेजस्वनि (गौतम यूनिवर्सिटी, हैदराबाद), मोऊ मल्लिक डे (हैदराबाद), पी पद्मावती (हैदराबाद), डॉ. रामचंद्र प्रसाद सिन्हा साहित्य पुरस्कार- बांग्ला, डॉ. दुलाल चंद्र मल्लिक (रांची यूनिवर्सिटी रांची), साहित्य पुरस्कार संस्कृत- डॉ. शशि रेखा रेड्डी (हैदराबाद), द्वारिका प्रसाद मौर्य साहित्य पुरस्कार- के. गीता (हैदराबाद), एवं काव्य कौमुदी उत्कृष्ट साहित्य पुरस्कार, थानाफाट लैपसिरिकुल - थाईलैंड.
कार्यक्रम का आयोजन हैदराबाद के आरोग्य अस्पताल के सभागार में आयोजित किया गया. जिसके मुख्य अतिथि विशिष्ट समाजसेवी श्रुतिकांत भारती ने राजन चौधरी के साथ बिताए गए समय को याद कर उनकी प्रशंसा की. इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी डॉ. मोहन गुप्ता, विशिष्ट कवियित्री सुधा ठाकुर एवं हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार राजन चौधरी के पुत्र रोहित आर चौधरी मंचासीन थे. आयोजित कार्यक्रम में विख्यात शास्त्रीय गायक उदय भास्कर ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. जबकि शास्त्रीय नृत्य विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षिका डॉ. ज्योति शेखर के सानिध्य में प्रस्तुत किया तथा थाई और भरतनाट्यम का फ्यूजन थाईलैंड के पत्तरापोल टैगुराय जो हैदराबाद यूनिवर्सिटी से भरतनाट्यम में एमपीए कर रहे हैं, ने प्रस्तुत किया.
इस मौके पर उपस्थित सुविख्यात अंतरराष्ट्रीय बहुभाषिय कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी खूबसूरत कविताएं प्रस्तुत की. काव्य सुनाने वाले कवियों में विख्यात कवि पुरुषोत्तम कड़ेल, कवियित्री सुधा ठाकुर, अनिल कुमार गुप्ता, मशहूर ग़ज़ल गायिका डॉ. मुमताज, मीना चौहान, यादमा सिमी, पी. पद्मावती, पदमा डाबर टकशाली, डॉ शशि रेखा रेड्डी, थोटा राधिका, मऊ मल्लिक डे, थानाभद लैपसिरिकुल - बैंकॉक, डॉ. के तेजस्विनी, प्रमुख थे. कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध साहित्यकार व लेखिका कुमुद बाला ने किया जबकि डॉ. तृषिता मुखर्जी द्वारा कार्यक्रम सफल व्यवस्था की गई.