• महिला सुरक्षा पर घिरी ममता का 'मास्टरस्ट्रोक': शाह के हमले के 24 घंटे के भीतर महिला अफसर को सौंपी बंगाल की कमान

    ममता बनर्जी ने अमित शाह के आरोपों के जवाब में नंदिनी चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव नियुक्त कर इतिहास रच द‍िया है. नंदि‍नी चक्रवर्ती बंगाल की पहली मह‍िला चीफ सेक्रेटरी बनी हैं. इससे जहां व‍िधानसभा चुनाव से पहले महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश दिया है, वहीं बीजेपी के उस दावे को भी खार‍िज करने की कोश‍िश की है क‍ि मह‍िलाएं असुरक्ष‍ित हैं.
    कोलकाता, 1 जनवरी 2025। पश्चिम बंगाल की राजनीति में वार-पलटवार का खेल नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हमले का जवाब किसी बयान से नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक प्रशासनिक फैसले से दिया है. महज 24 घंटे पहले, अमित शाह ने बंगाल में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए कहा था कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और शाम होने के बाद वे घर से निकलने में डरती हैं.इस तीखे हमले के ठीक अगले दिन बुधवार को ममता सरकार ने 1994 बैच की आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती (Nandini Chakravorty) को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया. यह नियुक्ति इसलिए एक ‘बड़ा दांव’ मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम बंगाल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी महिला को मुख्य सचिव के पद पर बैठाया गया है.
           
    ममता का दांव, शाह के हमले के 24 घंटे के भीतर महिला अफसर को सौंपी बंगाल की कमान
    ममता बनर्जी ने नंदिनी चक्रवर्ती को चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है. जहां भाजपा लगातार आरजी कर और संदेशखाली जैसी घटनाओं को लेकर ममता सरकार को महिला विरोधी और असुरक्षित बता रही थी, वहीं ममता ने राज्य की पूरी नौकरशाही की कमान एक महिला अफसर के हाथ में सौंप दी है. नंदिनी चक्रवर्ती इससे पहले राज्य की गृह सचिव थीं, यानी पुलिस और कानून-व्यवस्था सीधे उनके अधीन थी. उन्हें प्रमोशन देकर ममता ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उन्हें अपनी महिला अफसरों की क्षमता पर पूरा भरोसा है.


    मनोज पंत की जगह ली, लेकिन पंत भी पावर में
    नंदिनी चक्रवर्ती ने निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज पंत की जगह ली है. मनोज पंत को रिटायरमेंट के बाद 6 महीने का एक्सटेंशन मिला था जो 31 दिसंबर को खत्म हो गया. हालांकि, ममता बनर्जी ने पंत को भी नहीं छोड़ा है; उन्हें मुख्यमंत्री का प्र‍िंस‍िपल सेक्रटरी नियुक्त किया गया है. अब होम सेक्रटरी की जिम्मेदारी 2004 बैच के आईएएस अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा को सौंपी गई है.


    2026 चुनाव से पहले ‘आधी आबादी’ को साधने की कोशिश

    2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. अमित शाह और भाजपा का पूरा फोकस बंगाल की ‘आधी आबादी’ यानी महिला वोट बैंक पर है. भाजपा लगातार यह प्रचारित कर रही है कि ममता राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे माहौल में, ममता बनर्जी ने ‘एक तीर से दो निशाने’ साधे है. राज्य को पहली महिला मुख्य सचिव देकर इतिहास रचा. विपक्ष को यह कड़ा संदेश दिया कि जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला हो और मुख्य सचिव महिला हो, वहां ‘महिला सशक्तिकरण’ केवल भाषणों में नहीं, फैसलों में दिखता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस ‘महिला कार्ड’ का काट कैसे ढूंढती है, क्योंकि ममता ने प्रशासनिक फेरबदल के जरिए सियासी बिसात पर एक मजबूत चाल चल दी है.