• डीएमके में शामिल हुए पूर्व सीएम पन्नीरसेल्वम, तमिलनाडु में  सियासी हलचल तेज

    अन्ना डीएमके से निष्कासित नेता और तमिलनाडु के पूर्व सीएम ओ. पन्नीसेल्वम शुक्रवार को एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक (डीएमके ) में शामिल हो गए. डीएमके में शामिल होने से साउथ तमिलनाडु के वोट बैंक पर जबरदस्त असर पड़ने के आसार दिख रहे हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की  यह विशेष रिपोर्ट:-

    चेन्नई, 27 फरवरी 2026. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तमिलनाडु की सियासत में हलचल तेज हो गई है. अन्ना डीएमके से निष्कासित हुए वरिष्ठ नेता तथा  राज्य के पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम शुक्रवार को सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक ( डीएमके) में शामिल हो गए. उन्हें एमके स्टालिन ने सदस्यता दिलाई और डीएमके में स्वागत किया. तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके पन्नीरसेल्वम दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के सबसे करीबी था.

    दरअसल, अन्ना डीएमके  में उनके और एडप्पादी के. पलानी स्वामी के बीच लंबे वक्त तक नेतृत्व को लेकर सियासी जंग चला, हालांकि, बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि  पन्नीरसेल्वम के द्रमुक ( डीएमके) में शामिल होने से दक्षिण तमिलनाडु का वोट बैंक पर जबरदस्त असर पड़ सकता है. यहां थेवर समुदाय में पन्नीरसेल्वम का मजबूत आधार माना जाता है.

    द्रमुक कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल

    पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने पर डीएमके कार्यकर्ता अभिषेक ने प्रसन्नता जाहिर की है और कहा है कि  द्रमुक में जश्न का माहौल है. पत्रकारों से बातचीत में द्रमुक नेता ने कहा, 'यह एक शानदार दिन है. लोग साबित कर रहे हैं कि हम फिर से एक मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं. हम अभी मजबूत हैं और  आगे भी मजबूत रहेंगे. इसलिए, अच्छा होगा ये (ओपीएस के डीएमके में शामिल होने की संभावना) हमारी नेतृत्व क्षमता दर्शाता है कि कोई दूसरा ( पूर्व) सीएम  भी डीएमके में जुड़ सकता है. हमें पराजित करने वाला कोई नहीं है.

    पन्नीरसेल्वम तीन बार रहे मुख्यमंत्री 

    बता दें कि  ओ. पन्नीरसेल्वम 2001, 2014 और 2016 में तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहे, लेकिन 2017 में फिर  इन्होंने इस्तीफा दे दिया  था.

    अन्ना डीएमके  के दो गुटों में झड़प 

    सूत्र बताते हैं कि अन्ना डीएमके  के दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर सिर फुटोवल शुरू हो गया है. अन्ना डीएमके कार्यकर्ता पार्टी की जनरल काउंसिल की मीटिंग में बड़ी संख्या में नेता प्रतिपक्ष पलानीस्वामी के स्वागत में पहुंचे थे. उसी दौरान बवाल मच गया और नौबत हाथापाई तक आ गई. समर्थकों ने दूसरे पक्ष के पोस्टर फाड़ दिया एवं बलपूर्वक पार्टी कार्यालय में घुस आए और दरवाजा तोड़ दिया. वहीं, दोनों गुटों के समर्थक आपस में एक दूसरे के विरोध में जमकर नारेबाजी की.