Neet Student Case: पटना की सड़कों पर महिलाओं का प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज, कई घायल, मची अफरा- तफरी
बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर पुलिस का लाठी चार्ज हुआ है, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. कई महिलाएं इस दौरान सड़क पर गिर पड़ी और कुछ को गंभीर चोटें भी आई है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट :-
पटना, 11 फरवरी 2026. नीट छात्रा की मौत को लेकर बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को महिलाओं का प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया. यहां के गांधी मैदान से विधानसभा घेराव करने जा रही महिला कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने डाक बंगला चौराहे के पास लाठी चार्ज किया, जिससे मौके पर अफरा - तफरी मच गई. इस पुलिसिया कार्रवाई में कई महिलाएं घायल हो गई एवं प्रदर्शनकारी तितर - बितर हो गई. घटना के बाद महिला संगठनों और विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
शुरुआत प्रदर्शन की और मकसद
मंगलवार को नीट छात्रा की मौत के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स संगठन और ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वूमेन्स संगठन से जुड़ी सैकड़ो महिला कार्यकर्ता गांधी मैदान से एक रैली निकालकर विधानसभा की तरफ बढ़ रही थी. यह रैली राज्य में महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और अपराधों के विरोध में आयोजित किया गया था. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अपराधियों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते घटनाएं लगातार बढ़ रही है.
जेपी गोलंबर पर पहले रोकी
मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे गांधी मैदान से रैली की शुरुआत हुई. कुछ दूरी पर ही पुलिस ने जेपी गोलंबर के निकट बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया. हालांकि, यहां महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी नोंक झोंक हुई. और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाक बंगला चौराहे की तरफ बढ़ गई.
डाकबंगला चौक पर तनाव
पुलिस ने एक बार फिर भारी बैरिकेडिंग कर प्रदर्शन कर रहे महिलाओं को रोका. यहां हालत ज्यादा तनावपूर्ण हो गई. महिलाएं सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही थी. सड़क पर गूंज रहे नारों में सरकार पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया जा रहा था. कई महिलाएं हाथों में पोस्टर लिए हुई थी, जिन पर चुनावी वादों और मौजूदा हालात के बीच अंतर दिखाने वाले स्लोगन लिखे थे.
डाकबंगला चौराहे पर लाठीचार्ज
डाक बंगला चौराहे पर पुलिस अधिकारी कृष्ण मुरारी खड़े होकर महिलाओं को समझने की कोशिश करते दिखे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की, प्रदर्शनकारी लौट जाएं, लेकिन महिलाएं विधानसभा की तरफ बढ़ने पर अड़ी रही. हालात बिगड़ते देख पहले पानी की बौछार वाली गाड़ी मंगाई गई, लेकिन इससे पहले ही लाठीचार्ज का आदेश दे दिया गया. अचानक हुई कार्रवाई के दौरान भगदड़ मच गई. कई महिलाएं सड़क पर गिर पड़ी और कुछ को गंभीर चोटें भी आई है.
राज्य सरकार पर तीखा हमला
ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वूमेंस संगठन की प्रदेश अध्यक्ष सोहिला गुप्ता ने कहा कि नीतीश सरकार सिर्फ स्लोगन देती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है. उन्होंने कहा कि आज बिहार में ऐसा कोई इलाका नहीं बचा है, जहां महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें. सोहिला गुप्ता के मुताबिक, दूधमुंही बच्ची से लेकर कामकाजी महिला तक, कोई भी सुरक्षित नहीं है और राज्य सरकार आंख मूंदे बैठी हैं.
बिहार में महिला सुरक्षा पर बहस
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.