पेंशनरों की निगाहें 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र पर टिकी — वीरेन्द्र नामदेव
रायपुर, 21फरवरी 2026। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आगामी 23 फरवरी से शुरु हो रहे हो रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र को राज्य के लाखों पेंशनरों के लिए आशा और न्याय का अवसर बताया है।
उन्होंने आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार द्वारा अपनी संवेदनशीलता और सहृदयता का परिचय देते हुए विधान सभा में आगामी वित्तीय वर्ष 2026 -27 के अपने बजट में छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के हित में भी घोषणाएँ की जाएँगी। नामदेव ने प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक के रूप में पेंशनरों के लिए यह सम्मान और न्याय का बजट होना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार अपने बजट में ज़रूरी वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित करे ।
उन्होंने यह भी मांग की है कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत राज्य को हुए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान की भरपाई के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना भी सार्वजनिक जाए। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पेंशनर्स महासंघ ने बजट में निम्न प्रमुख मांगों को शामिल करने की अपेक्षा जताई है-
(1) सभी जिलों में पृथक पेंशन कार्यालयों की स्थापना की जाए।
(2) परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचना दिनांक 30 सितंबर 2021 के अनुसार राज्य के भीतर वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा किराया में छूट का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
(3) मंत्रालय में प्रवेश व्यवस्था सरल बनाते हुए सभी शासकीय एवं सार्वजनिक संस्थानों में पेंशनरों के लिए विशेष सुविधा काउंटर की व्यवस्था की जाए ।
(4) पेंशनर कल्याण निधि के बजट में पर्याप्त वृद्धि की जाए ।
(5) वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग की स्थापना की जाए ।
(6) प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सेट) की पुनर्स्थापना कर पेंशनरों और शासकीय कर्मचारियों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिलना सुनिश्चित किया जाए।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने यह भी जानकारी दी है कि उपरोक्त मांगों के संबंध में आज ही उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी को ई-मेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से विस्तृत पत्र प्रेषित किया गया है, ताकि सरकार बजट सत्र में इन मांगों पर गंभीरता से विचार करे और पेंशनरों की भलाई के लिए निर्णय लेकर आवश्यक बजट प्रावधान करें।
महासंघ के पदाधिकारियों क्रमशः जे. पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, टी. पी. सिंह, बी. एस. दसमेर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर. जी. बोहरे, ओ. डी. शर्मा, हरेंद्र चंद्राकर, लोचन पांडेय, एम. एन. पाठक, आर. के. टंडन, आर. के. नारद, नरसिंग राम, अनिल पाठक, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, अनिल तिवारी, कौशलेंद्र मिश्रा, टी. एल. चंद्राकर, आर. के. दीक्षित, मालिक राम वर्मा, राम खिलावन साहू एवं कैलाश राव ने भी इन सभी मांगों को एक स्वर में दोहराया है और आशा व्यक्त की है कि यह बजट सत्र छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए भी कल्याणकारी साबित होगा।