राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने पर प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
'सांसद लोकतंत्र का मंदिर है,' भारत और चीन गतिरोध पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के आरोपों के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट :-
नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद लोकतंत्र का मंदिर है, देश के हर नागरिक की इस पर आस्था है और इसलिए हमें इसके अंदर जरूरी मुद्दों पर चर्चा करने से नहीं रोका जाना चाहिए. दरअसल, संसद में भारत और चीन गतिरोध पर राहुल गांधी की तरफ से पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला दिए जाने पर मचे बवाल को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा, "राहुल गांधी एक पब्लिक सोर्स से कोट कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा. जबकि सत्ता में बैठे लोग खुद कभी मैग्जीन तो कभी किताब से कोट करते रहे हैं."
उन्होंने कहा, "संसद में हमेशा ही चीन, पाकिस्तान और विदेश नीति से जुड़े आवश्यक मामलों पर चर्चा होती रही है. यही हमारी परंपरा रही है. विपक्ष हो या सरकार, सभी ने खुलकर अपना पक्ष रखा है. असलियत में सरकार डरी हुई है कि उनकी सच्चाई देश के सामने आ जाएगी, इसलिए किताब को प्रकाशित भी नहीं होने दे रहे हैं."
प्रियंका गांधी ने कहा कि या सिर्फ प्रतिपक्ष के नेता को बोलने ना देने का मामला नहीं है. यह तो लोकतंत्र और संसद के काम करने के ढंग का एक बुनियादी मुद्दा है. अगर कोई अपना विचार रख रहा है, तो उसमें क्या दिक्कत है? वे डर रहे हैं कि क्या असली बातें सामने आने वाली है. अप्रकाशित किताब में ऐसी चीजें लिखी है जो दिखाती है कि संकट के समय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री के साथ-साथ हमारे शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रक्रिया रही. यह उनकी सरकार के चाल और चरित्र को दिखाता है कि जब देश पर हमला हो रहा है और चीनी जवान हमारी सीमा पर आ रहे हैं, तो वे कैसे प्रक्रिया दे रहे हैं."
संसद के आठ प्रतिपक्षी सदस्यों के निलंबन पर प्रियंका गांधी ने कहा कि हर सत्र में विपक्ष के सांसदों को निलंबित किया जा रहा है, इसमें कोई नई बात नहीं रह गई है. प्रियंका गांधी ने कहा, "बात पर्चियां फेक जाने की नहीं है, बात यह है कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. सरकार देश का पैसा बर्बाद करा रही है. वह चाहती है कि देश में कोई चर्चा ना की जाए."