• अनिरुद्धाचार्य के श्रीमद्भागवत कथा में भगदड़, कई महिलाएं बेहोश, मची अफरातफरी

    बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल में भारत - नेपाल सीमा के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार शाम भगदड़ मच गई. प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज के सत्संग में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से आयोजन स्थल रक्सौल एयरपोर्ट परिसर में भीड़ में काबू हो गई. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट :-

    रक्सौल( मोतिहारी) 9 फरवरी 2026. बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल में भारत - नेपाल सीमा के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार शाम भगदड़ मच गई. प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज के सत्संग में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से आयोजन स्थल रक्सौल एयरपोर्ट परिसर में भीड़ में काबू हो गई.

    भीड़ प्रबंधन की कमी से बिगड़े हालात 

    कथावाचक के मंच पर पहुंचते ही  चल भालू का सैलाब पंडाल की तरफ उमड़ पड़ा. आयोजन समिति की तरफ से भील नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण पंडाल के मुख्य गेट पर अत्यधिक दबाव बन गया. इसी दौरान रेलिंग टूट गई और भगदड़ जैसी हालत बन गई, जिससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया.

    घायलों की प्राथमिक उपचार, महिलाएं हुई बेहोश
    अफरा तफरी के बीच कई श्रद्धालुओं को चोटें आई. दबाव बढ़ने से दो-तीन महिलाएं बेहोश हो गई, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया. स्थिति की गंभीरता के कारण कुछ समय तक कथाक्रम को रोकना पड़ गया.

    परिजनों से बिछड़े बच्चे, मदद की व्यवस्था पर सवाल

    कथा स्थल पर हंगामा और भगदड़ के चलते कई छोटे बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए. आयोजन स्थल पर हेल्प डेस्क अथवा  लॉस्ट एंड फाउंड जैसी कोई इंतजाम नहीं होने से माता-पिता बच्चों की तलाश में भटकते - बिलखते नजर आए. वहीं, श्रद्धालुओं ने इतने बड़े धार्मिक आयोजन में  न्यूनतम सहायता व्यवस्था  नहीं होने पर नाराजगी जताई.

    वीआईपी व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में आक्रोश 
    आम श्रद्धालुओं का गुस्सा वीआईपी व्यवस्था को लेकर भी सामने आया. लोग बता रहे थे कि चंदा वसूली के बावजूद कथा पंडाल में केवल मोटी रकम देने वालों को अलग सुविधा और प्राथमिकता दी गई. जबकि आम भक्तों को धक्कों का सामना करना पड़ा, जिससे अव्यवस्था और बढ़ती चली गई.

    पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में

    स्थिति बिगड़ते देख मौके पर तैनात  पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को पीछे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए. अनुमंडल पुलिस अधिकारी मनीष कुमार आनंद ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से भीड़ नियंत्रण के लिए उचित कार्रवाई की गई और अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया.

    प्रशासन ने आयोजन समिति को लगाई फटकार

    अव्यवस्था को गंभीर मानते हुए  अनुमंडल पुलिस ऑफिसर मनीष कुमार ने  आयोजन समिति को कड़ी फटकार लगाई और रात भर में सभी व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न होने पाए. हालांकि, आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.