शातिर जालसाज ताराचंद का प्लान हो गया फेल, 'मुर्दा' हो गया जिंदा!
यूपी के आगरा शहर में जालसाजी का अनूठा प्रकरण सामने आया है, जहां आरोपी तारा चंद्र शर्मा ने खुद को मृत घोषित कर 12 साल पहले अदालत को धोखा दिया था. लेकिन वर्ष 2025 में वादी ने उसे स्कूटी चलाते हुए देखा और उसकी पोल खोल दी. पुलिस तहकीकात में आरोपी जिंदा मिला, अब उस पर फिर से अदालती कार्रवाई शुरू कर दी गई है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की सनसनीखेज रिपोर्ट..
आगरा, 8 फरवरी 2026. यूपी के आगरा शहर से एक चौंकाने वाला माजरा सामने आया है, जहां एक आरोपी ने कानून से बचने के लिए खुद को कागजों में मृत घोषित करा दिया. नकली मृत्यु सर्टिफिकेट के जरिए उसने अदालत से खुद के ऊपर चल रहा केस को ड्रॉप करवा लिया. लेकिन 12 वर्ष बीच जाने के बावजूद उसकी असली सच्चाई उजागर हो गई. यह वाक्या न्यू आगरा पुलिस क्षेत्र का बताया जा रहा है. आरोपी ताराचंद्र शर्मा के विरुद्ध कूटरचित कागजातों से जुड़ा एक मामला अदालत में चल रहा था और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके थे. लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने साल 2013 में नगर निगम से नकली मृत्यु सर्टिफिकेट बनवाकर अदालत में पेश कर दिया, उक्त सर्टिफिकेट में उसे वर्ष 1998 में मृत दिखाया गया था. इसी नकली कागजात के आधार पर पुलिस ने भी अदालत में रिपोर्ट दी और बाद में आरोपी ताराचंद्र के खिलाफ चल रही केस बंद कर दिया गया.
हालांकि, आरोपी ताराचंद करीब 12 वर्ष तक कानून की नजरों से बचता रहा और सामान्य जिंदगी बीतता रहा. दरअसल, मामले में नया मोड़ तब आया जब कुछ दिन पहले वादी राजकुमार वर्मा ने आरोपी ताराचंद्र शर्मा को आगरा शहर के गांधीनगर इलाके में स्कूटी चलाते हुए देख लिया. उन्होंने आरोपी की फोटो उतार ली और स्कूटी नंबर के आधार पर आरटीओ दफ्तर से पूरी जानकारी हासिल की. पुलिस की तहकीकात मे पाया गया कि आरोपी वर्ष 2016 में अपने नाम से नई स्कूटी पंजीकृत करवाई थी और बैंक खातों में मोबाइल बैंकिंग का भी इस्तेमाल कर रहा था. इसके बाद वादी राजकुमार ने अदालत में सबूत के साथ निवेदन पत्र दाखिल कर दिया. तभी अदालत के आदेश पर न्यू आगरा पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है.
हालांकि, जांच के दौरान आरोपी ताराचंद्र घर पर ही जीवित पाया गया. पुलिस ने मौके पर ही आरोपी और उसके बेटे की तस्वीर भी खींच लिए, जिसे कोर्ट में सबूत के तौर पर प्रस्तुत कर दिया गया है. उधर, आरोपी के बेटे ने भी कबूल कर लिया कि उसके पिता ताराचंद्र शर्मा जीवित हैं. बताया जा रहा है कि पुलिस अब इस केस में फिर से कानूनी कार्रवाई करने जा रही है. फिलहाल अदालत ने पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है. माना जा रहा है कि आरोपी ताराचंद्र शर्मा पर अब फिर जालसाजी, कूटरचना और न्याय प्रणाली में बाधा डालने जैसे गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो सकती है.