• बिन ब्याही मां बनी युवती की हत्या, नवजात शिशु गायब, पिता और आशिक गिरफ्तार

    बिहार के मधेपुरा जिले के उदाकिशनगंज पुलिस क्षेत्र में कथित तौर पर 'झूठी शान के नाम पर' बिन ब्याही मां बनी एक युवती की हत्या का मामला सामने आया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की सनसनीखेज रिपोर्ट:-

    मधेपुरा, 26 फरवरी 2026. हालांकि, हत्या का आरोप मृत युवती के पिता अम्बेद भारती और चाचा तपेश कुमार यादव पर है. बिन ब्याही मां बनी युवती ने जिस मासूम को जन्म दिया था, उसको एनएच सड़क - 106 पर  बने पुल से कथित तौर पर थैली में पैक करके फेंक दिया गया. नवजात शिशु को फेंकने का आरोप युवती के आशिक प्रेमी रिशु राज पर है, जिसका नाम अस्पताल के रिकॉर्ड में पति और नवजात शिशु के पिता के तौर पर दर्ज है.

    इस बाबत अनुमंडल पुलिस अधिकारी अविनाश कुमार बताते हैं कि, इस मामले में मृत युवती के पिता अम्बेद भारती, चाचा तपेश कुमार यादव और युवती के आशिक प्रेमी रिशु राज को अरेस्ट कर लिया गया है. पुलिस ने  " रिशु राज की निशानदेही से वह थैला भी बरामद किया है, जिसमें पैक कर बच्ची या उसका मृतक शव को पुल के नीचे फेंक दिया गया था. हालांकि, नवजात शिशु और युवती का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है.

    आखिर मामला है क्या?

    बिहार के मधेपुरा  जिला क्षेत्र के  उदाकिशनगंज पुलिस इलाके में पीपरा करौती गांव के वार्ड संख्या 2 में अलका कुमारी और रिशु राज का परिवार रहते हैं. 20 वर्ष की अलका कुमारी का अपने ही उम्र के  युवक रिशु राज के साथ प्रेम संबंध था. बता दें कि, अलका कुमारी के पिता अम्बेद भारती अपने ही परिवार के नाम पर बने शासकीय विद्यालय 'कुमार प्रकाश नित्यानंद स्कूल' के प्रभारी प्रिंसिपल हैं. उनके पांच संतान हैं. जबकि रिशु राज के पिता राजेश कुमार भी उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं.

    जानकारी के मुताबिक, "दोनों परिवार एक दूसरे के रिश्तेदार भी हैं. इस प्रकार इस प्रेम संबंध के सामने आने पर घर वालों ने दोनों को समझाया था, लेकिन उन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. बाद में अलका कुमारी गर्भवती हुई. जानकारी के मुताबिक, रिशु राज भी नवजात बच्चा नहीं चाहता था. उसने अलका पर गर्भपात करने का दबाव बनाया लेकिन अलका इससे साफ इनकार कर दिया." 

    अलका ने दिया स्वस्थ बच्ची को जन्म 

    12 फरवरी 2026 की रात करीब 3 बजे अलका को प्रसव के लिए उदाकिशुनगंज शासकीय अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ रूपेश कुमार बताते हैं कि  "12 फरवरी की सुबह उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी. उसने अपने पति के तौर पर रिशु राज का नाम लिखवाया था. मरीज (अलका कुमारी) ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया, लेकिन उसकी ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी. इस कारण उसे  सदर अस्पताल मधेपुरा रेफर कर दिया गया."

    हालांकि, परिजनों से एंबुलेंस इस्तेमाल करने को कहा गया, लेकिन उन लोगों ने कहा, उसके पास खुद की दो गाड़ियां हैं. एंबुलेंस की जरूरत नहीं है. सीडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि "मृतका को अस्पताल में डिलीवरी के लिए रिशु राज ही लेकर आया था. पूछताछ में अलका कुमारी के घर वालों ने बताया कि "उन्हें अलका के गर्भवती होने की जानकारी नहीं थी. लेकिन जांच में यह बात  झूठा निकली. युवती अलका के परिजनों को इसकी जानकारी थी और उन्होंने  बाद में इसे स्वीकार भी लिया और कहा कि  बदनामी के डर से उन्होंने अपनी बेटी की हत्या की है."

    ऐसे आई सामने हत्या की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, मृतका अलका के परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर नहीं गए और उसे गला घोंटकर मार दिया. 13 फरवरी को मृतका का परिवार उसके शव को दाह संस्कार के लिए भागलपुर ले जाने लगा तभी गुप्त सूचना पाकर पुलिस ने  अलका के  मृतक शव का पोस्टमार्टम कराया. इस बीच  घटना के बाद 
    से ही रिशु राज के शिक्षक पिता भी कहीं फरार हैं.