नक्सलियों के 'खजाने ' से मिले 46 लाख रुपए, जमीन के अंदर गुप्त बंकर छिपा रखे थे हथियार और कैश
सुरक्षाबल के जवानों ने छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बड़ी कार्रवाई की है. जवानों ने नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर गुप्त बंकर मे रखे गए 46 लाख रुपए और भारी मात्रा में हथियार बरामद किया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ यह खास रिपोर्ट:-
गरियाबंद, 2 मार्च 2026. सुरक्षाबल के जवानों ने छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बड़ी सफलता प्राप्त की है. नक्सल विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए माओवादियों के गुप्त खजाने को ढूंढ़ निकाला है. सुरक्षाबलों ने यह कार्रवाई आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के इनपुट पर की थी. माओवादियों के जमा किए गए 46 लाख रुपए से अधिक के कैश और हथियारों के जखीरे को जवानों ने बरामद किया है.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मैनपुर पुलिस इलाके के बडेगोबरा गांव के सांपसाटी वन क्षेत्र में नक्सलियों के द्वारा रखे गए 46 लाख 31हजार 500 रुपए कैश, हथियार, गोला बारूद, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है. पुलिस अफसरों के मुताबिक, यह कार्रवाई आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के इनपुट पर की गई है. माओवादियों ने एक गड्ढे खोदकर उसमें कैश और हथियार छिपा रखे थे.
टीम को मिला था इनपुट
गरियाबंद पुलिस की ई -30 ऑप्स टीम और डीआरजी धमतरी की संयुक्त टीम ने पिछले 28 फरवरी को चलाया था. इस दौरान सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से गहन पूछताछ के दौरान धमतरी - गरियाबंद - नुआपाड़ा डिवीजन के शीर्ष लीडरों द्वारा इस इलाके में डंप छिपाने की सूचना मिली थी और इसकी पुष्टि हो जाने के बाद टीम को मुख्यालय से रवाना किया गया.
डंप से कौन-कौन सी सामग्री बरामद हुई
सर्च ऑपरेशन के दौरान पहाड़ी इलाके में विभिन्न जगहों से अलग-अलग डंप से बरामद सामग्री में 46,31,500 रुपए कैश, 01 बंदूक, 33 चक्र गोलियां, 01 सुरका राइफल, 32 बीजीएल सेल, 01 लैपटॉप, 2 मोबाइल फोन,10 इंसास चक्र, 41. 303 हथियार, 11 एसएलआर, 45 एके - 47, 23 सिंगल शॉट, 26.12 बोर, 13 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर,10 नॉन इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और भारी मात्रा में माओवादी साहित्य बरामद हुआ है.
2 हजार के नोट बरामद
कहा गया है कि इस वन क्षेत्र को कभी माओवादियों का सुरक्षित जगह माना जाता था. लेकिन अब इस इलाके में एक भी माओवादी नहीं है. पुलिस अफसर बताते हैं कि बरामद किए गए कैश में से 2000 के पुराने नोट मिले हैं. लगभग 2 लाख रुपए के पुराने नोट हैं. बाकी नोट ₹500 के हैं.
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने क्या बताया?
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने पुलिस टीम को बताया कि भालू डिग्गी इलाके में लगभग 50 से 60 माओवादी सक्रिय थे. जनवरी 2025 में की गई कार्रवाई के बाद माओवादी संगठन बिखर गया. इन पैसों से पश्चिम ओड़िशा संभागों में माओवादी संगठन को विस्तार करने की योजना बनाई थी और यह पैसे माओवादियों को सैलरी देने, हथियार खरीदने और नेटवर्क बढ़ाने के मकसद से जमीनी बंकर में छिपाकर रखे गए थे.