• बलरामपुर: SDM की पिटाई से आदिवासी की मौत, SDM, भाजपा नेता समेत 4 गिरफ्तार

    बलरामपुर : रात के अंधेरे में सरकारी गाड़ी और हथियारों के साथ पहुंचे अफसरों और उनके साथियों ने आदिवासियों पर बड़े बेरहमी से डंडे बरसाए। ग्रामीण इसे सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रही दबाव और उगाही की कार्रवाई बता रहे हैं। पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर एसडीएम सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    बलरामपुर, 17 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के हंसपुर गांव में रविवार रात जो हुआ, उसने प्रशासन की भूमिका और सत्ता के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित बॉक्साइट चोरी की सूचना पर कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन की गाड़ी से पहुंचे कुसमी एसडीएम करुण डहरिया, सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा और उनके साथ मौजूद भाजपा युवा नेता अजय प्रताप सिंह उर्फ विक्की समेत अन्य लोगों ने 3 ग्रामीणों पर बेहरमी से डंडे बरसाए। इसमें एक आदिवासी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    आरोप है कि रात के अंधेरे में सरकारी गाड़ी और हथियारों के साथ पहुंचे अफसरों और उनके साथियों ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के पूछताछ के नाम पर मारपीट की। इससे रामनरेश राम की हालत बिगड़ गई, उसे चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। गांव में आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीण इसे सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रही दबाव और उगाही की कार्रवाई बता रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई. इतना ही नहीं सर्व आदिवासी समाज के लोगों में काफी आक्रोश भी देखने को मिला. फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी. यही नहीं SDM सहित चार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज हुआ है. SDM करुण कुमार डहरिया तो गिरफ्तार कर लिया गया है.

    सीधे लोगों घरों में घुस गए

    ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे “छत्तीसगढ़ शासन, एसडीएम” लिखी बोलेरो और एक काली थार गांव में पहुंची। आरोप है कि अधिकारी और उनके साथ आए लोग सीधे घरों में घुस गए और भोला के बारे में पूछताछ करने लगे। उपसरपंच गीता देवी ने बताया कि उनके घर में सिर्फ महिलाएं और लड़कियां थीं, इसके बावजूद पुरुष अधिकारी हथियारों के साथ अंदर घुसे और तलाशी ली। इससे गांव में भय और आक्रोश फैल गया।

    सड़क पर रोककर बेरहमी से आदिवासियों की पिटाई

    घायल आदिवासी अजीत उमराव (60) और आकाश अगरिया (20) ने बताया कि वे रात में गेहूं की फसल में सिंचाई कर खेतों से लौट रहे थे, तभी उन्हें रोककर डंडों और रॉड से पीटा गया। पूछताछ के नाम पर की गई इस हिंसा में रामनरेश राम (62) की हालत गंभीर हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिटाई इतनी बेरहम थी कि आदिवासी रामनरेश बेहोश हो गया। 

    सरकारी गाड़ी में घुमाया गया, अस्पताल से पहले मौत

    आरोप है कि हालत बिगड़ने पर रामनरेश को सरकारी गाड़ी में कुसमी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में अधिकारी कथित अवैध बॉक्साइट खदान के मुंशी भोला की तलाश में गांव में रुकते रहे। घायल ग्रामीण गाड़ी में ही पड़े रहे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामनरेश की मौत हो गई।

    सुलगता सवाल: प्रशासनिक गुंडागर्दी या अवैध उगाही?

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसडीएम रात में राजनीतिक पदाधिकारियों के साथ कथित जांच के लिए क्यों निकले। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बॉक्साइट खनन और परिवहन के नाम पर लंबे समय से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। बॉक्साइट चोरी की आड़ में दबाव बनाकर पैसे ऐंठे जाते रहे हैं।

    तनाव के बीच पुलिस की कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रशासनिक टीम पर गंभीर आरोप लगने के बाद हड़कंप मच गया. कुसमी SDM की टीम ने आदिवासियों के साथ पूछताछ के दौरान लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे एक बुजुर्ग की मौत हो गई. वहीं मारपीट के दौरान दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. 
        
    SDM पर क्या लगे आरोप?

    मारपीट में घायल आकाश अगरिया ने बताया कि रात के समय गेहूं में पानी सिंचाई कर घर वापस लौट रहे थे. इस दौरान रास्ते में करीब 8 से 9 लोग खड़े थे. इन्होंने उन्हें रोक लिया और लाठी-डंडे से मारपीट की. आकाश ने बताया कि जब उन्होंने पूछा कि क्यों मार रहे हो तो कुछ नहीं बोला गया. सिर्फ मारते रहे. आकाश ने यह भी बताया कि एक सफेद कलर की बोलेरो गाड़ी थी, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन और SDM लिखा हुआ था.

    वहीं एक ब्लैक कलर की थार थी, जिस पर वे लोग वहां पर आए थे.सोमवार को कुसमी में दिनभर तनाव रहा। ग्रामीण अस्पताल और थाने के बाहर जुटे रहे। पुलिस ने एसडीएम करुण डहरिया, भाजपा युवा नेता अजय प्रताप सिंह उर्फ विक्की सिंह, मंजीत यादव और सुदीप यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।