महासमुंद : जंगलखेड़ा गांव के 400 एकड़ में निर्माणाधीन गोदावरी सोलर प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का धरना, विधायक भी धरने पर बैठीं; SDM दफ्तर के बाहर प्रदर्शन
विधायक का कहना है कि बिना ग्राम सभा के सहमति के जंगलखेड़ा गांव में 400 एकड़ में सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। गांव की 400 एकड़ जमीन निजी कंपनी को दी गई है लेकिन उसके बदले में रोजगार नहीं के बराबर मिलेगा। अब सरकार ही बताएं कि 400 एकड़ जमीन के बदले में वह कितने लोगों को रोजगार देगी?
सरायपाली, 14 फरवरी 2026। महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक के ग्राम जंगलबेड़ा की 400 एकड़ जमीन पर लगने वाले गोदावरी सोलर प्लांट का विरोध लगातार जारी है। बीती रात प्लांट लगने के विरोध में ग्रामीण और सरायपाली की कांग्रेस विधायक चातुरी नंद पूरी रात एसडीएम कार्यालय के बाहर बैठे रहे। ग्रामीणों ने जमकर गोदावरी सोलर प्लांट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों के समर्थन में विधायक चातुरी नंद भी पूरी रात एसडीएम कार्यालय में धरने पर बैठी रही। जिनका प्रदर्शन अभी भी जारी है। शुक्रवार की शाम 4 बजे ग्रामीण और विधायक विरोध में एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे, बात नहीं बनने पर सभी पूरी रात धरने पर बैठे रहे। विधायक नंद का कहना है कि बिना ग्राम सभा के सहमति के जंगली खेड़ा गांव में 400 एकड़ में सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। गांव की 400 एकड़ जमीन निजी कंपनी को दी गई है लेकिन उसके बदले में रोजगार नहीं के बराबर मिलेगा। अब सरकार ही बताएं कि 400 एकड़ जमीन के बदले में वह कितने लोगों को रोजगार देगी?
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शासन की ‘हरेली सहेली’ योजना के तहत लगभग 90 परिवारों को आवंटित भूमि से उन्हें बेदखल किया गया है। उनके अनुसार, सोलर प्लांट निर्माण के कारण सार्वजनिक रास्तों, तालाबों और एनीकट को नुकसान पहुंचा है तथा क्षेत्र के जलस्रोत प्रभावित हुए हैं। सरपंच मधुबन भोई और पंच घासीराम चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कलेक्टर, महासमुंद को इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो वे भूख हड़ताल पर विचार करेंगे।
ग्रामसभा की अनुमति के बिना शुरू किया निर्माण : विधायक
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना प्लांट निर्माण शुरू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई और भूमि उपयोग से संबंधित अनियमितताएं हुई हैं। विधायक ने यह भी कहा कि यदि उद्योग मंत्री ने विधानसभा में ग्रामसभा की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी है, तो निर्माण कार्य की वैधता स्पष्ट की जानी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 400 एकड़ में यह प्लांट लगाया जा रहा है। जहां बिना पंचायत प्रस्ताव के अनुमति, सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई करने और आदिवासियों के जमीन को हथियाने का आरोप प्लांट प्रबंधन पर है।