• बलरामपुर में अफीम की खेती: सरपंच ने जनवरी में दी थी सूचना, पुलिस ने मार्च में कार्यवाही की

    बलरामपुर में अफीम की खेती के मामले में नया खुलासा हुआ है। गांव के सरपंच ने बताया कि उन्होंने जनवरी में ही अफीम की खेती की सूचना कुसमी थाने दे दी थी। आगे पढ़िए, अफीम की खेती का खुलासा कैसे हुआ..

    बलरामपुर, 11 मार्च 2026। बलरामपुर में अफीम की खेती के मामले में बड़ा अपडेट आया है। दुर्ग में अफीम की खेती का पर्दाफाश नहीं हुआ होता तो शायद बलरामपुर में अभी नशे की खेती का मामला सामने नहीं आता। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना अंतर्गत तिरपुरी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम सनाटोली में 5 एकड़ अफीम खेती का 10 मार्च को खुलासा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे जनवरी महीने में ही पुलिस को सूचना भेज दी थी तब थाने के मुंशी ने कहा दिखवाते हैं।

    कुसमी से 15 किमी दूर स्थित तिरपुरी ग्राम पंचायत के सरपंच फेकुन्दर राम नाग ने मीडिया को बताया कि बलरामपुर और जशपुर जिले के सीमा पर स्थित यह गांव स्थित है। जहां दोनों जिलों के बीच गांव में बहने वाले नाले पर वन विभाग ने डेम बनाया है।  इसी डेम से पंप लगाकर अफीम की खेती में पानी की सिंचाई की जाती थी। ग्रामीण के अनुसार नए वर्ष में जब वे डेम के किनारे पिकनिक मनाने पहुंचे थे तब अफीम की खेती का पता चला। इसकी सूचना तत्काल कुसमी थाने को दी गई थी। पुलिस को व्हाट्सएप पर अफीम की फसल की फोटो भी भेजी गई थी। उसके बाद पुलिस अफीम की खेती देखने गांव आई कि नहीं, जानकारी नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले समझ में नहीं आ रहा था कि कौन सी फसल उगाई जा रही है। बाद में फूल लगने लगे तब पता चला की अफीम हो रही है। पौधे में चीरा लगाकर अफीम की फसल ले रहे थे।  लगाकर पता लगते ही इसकी सूचना तत्काल पुलिस को भेजी गई थी।

    दुर्ग का मामला सामने आने के बाद बलरामपुर में अफीम की खेती का पर्दाफाश हुआ। सूचना मिलने के तीन महीने बाद पुलिस कार्रवाई करने गांव पहुंची। वहीं बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचकर जांच पड़ताल की। बता रहे हैं कि आज वहां की अफीम की खेती की नष्टीकरण की कार्यवाही की जाएगी। वहीं 5 एकड़ के अफीम की खेती में कितना नशे का पदार्थ तैयार कर कहां- कहां बेचा गया, पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है।