नौकरियों को खा जाएगा एआई? गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई बोले- तकनीक से डरने की जरूरत नहीं
भारत में आयोजित एआई समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई कि भविष्य को लेकर बात की है. उन्होंने क्या कुछ कहा, आईए जानते हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026. यहां भारत मंडपम दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 में उस समय खास हलचल दिखी, जब गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर अपनी राय साझा की. तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के बीच जहां आम लोगों में यह डर बना रहता है कि एआई उनकी नौकरियां छीन लेगा, वहीं सुंदर पिचाई ने इस धारणा को चुनौती देते हुए एक अलग नजरिया सामने रखा.
'वर्कफोर्स बदलेगी, समाप्त नहीं होगी'
समिट के दौरान अपने संबोधन में पिचाई ने कहा कि एआई काम करने के अंदाज को जरूर बदलेगा. उनके मुताबिक, लेकिन यह बदलाव समय के साथ आएगा. उन्होंने कहा, कई प्रक्रियाएं स्वचालित होगी, जिससे पारंपरिक भूमिकाओं का स्वरूप बदलेगा. हालांकि, इसके समानांतर नई तरह की नौकरियां और कौशल आधारित करियर भी उभरेंगे. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दो दशक पहले डिजिटल कंटेंट क्रिएटर जैसा पेशा लगभग नहीं के बराबर था, लेकिन आज यह लाखों युवाओं की आमदनी का साधन बन चुका है. पिचाई का मानना है कि ठीक इसी तरह एआई भी आने वाले समय में ऐसे क्षेत्र को जन्म देगा, जिनकी आज हम कल्पना नहीं कर पा रहे हैं.
डिजिटल डिवाइड से 'एआई डिवाइड' का खतरा
पिचाई ने एक अहम चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि दुनिया पहले ही डिजिटल असमानता का सामना कर रही है, ऐसे में यह जरूरी है कि तकनीक की अगली लहर सामाजिक खाई को और चौड़ा न कर दे. यदि एआई तक समान पहुंच सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह असमानता और गहरी हो सकती है. उन्होंने कहा कि मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और कौशल विकास में निवेश अनिवार्य है तभी एआई का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंच पाएगा।
एआई समिट भारत में बड़ा दांव
समिट के दौरान पिचाई ने भारत के लिए एक बड़ी घोषणा भी की. उन्होंने बताया कि गूगल देश में 15 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा, जिसके तहत आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक अत्याधुनिक फुल स्टैक एआई हब स्थापित किया जाएगा. ये केंद्र न केवल तकनीकी शोध को गति देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर काम के नए अवसर भी पैदा करेगा. इसके साथ ही कंपनी भारत सरकार के साथ संयुक्त रूप से 10 हजार विद्यालयों में जेनरेटिव एआई टूल्स उपलब्ध कराने की योजना पर काम करेगी. इसका मकसद विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर पर ही उन्नत तकनीकी से जोड़ना और भविष्य के लिए तैयार करना है.
भारत की भूमिका अहम
अपने संबोधन के अंत में सुंदर पिचाई ने भारत को एआई क्रांति का महत्वपूर्ण साझेदार बताया. उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की क्षमता वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर देती है.