• हैदराबाद में 130 माओवादियों ने CM रेवंत रेड्डी के सामने किया सरेंडर

    इस दौरान तीन राज्यों में सक्रिय 130 नक्सलियों ने 124 हथियार और 5205 कारतूस जमा किए।

    हैदराबाद, 7 मार्च 2026। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की 4 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद शनिवार को 130 माओवादियों ने उनके समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। हाल के वर्षों में पीएलजीए के हथियारों की गुणवत्ता और संख्या के हिसाब से सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है। ये माओवादी पीएलजीए से जुड़े थे। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, चार तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश से है। अब तेलंगाना राज्य में माओवादियों की कोई कमेटी नहीं है। एओबी के प्रमुख नेता चलसानी नवाथा ने भी हथियार सरेंडर किए।

    डीजीपी रेड्डी ने कहा कि इस कदम से माओवादी संगठन की लड़ाकू क्षमता कमजोर हुई है और क्षेत्र में लंबित नक्सली हिंसा पर बड़ा असर पड़ा है। सरेंडर किए गए हथियारों और कैडरों के लिए राज्य सरकार द्वारा पुनर्वास और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। जनवरी 2024 से अब तक तेलंगाना में 721 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

    रेड्डी ने बताया कि केंद्र सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों को कुल 4.18 करोड़ रुपये से अधिक की इनामी राशि प्रदान की जाएगी।

    पीएलजीए अब पूरी तरह खत्म

    सीपीआई माओवादी की सबसे महत्वपूर्ण पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। यह कदम माओवादी आंदोलन के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है और राज्य में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरेंडर करने वाले माओवादियों को पुनर्वास पैकेज और स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड दिया जाएगा, और निम्स जैसे अस्पतालों में उनके लिए बेहतर मेडिकल सर्विस का इंतजाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के रैंक के आधार पर पैकेज देगी.

    इस मौके पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गणपति समेत बड़े नेताओं से सरेंडर करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि गणपति बीमार हैं और भरोसा दिलाया कि अगर वह सरेंडर करते हैं तो उनका इलाज किया जाएगा और उनकी देखभाल की जाएगी। माओवादियों का बड़ा सरेंडर 4 मार्च को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ रेड्डी की मीटिंग के बाद हुआ।