• रिश्तेदारों को ठेके देने का आरोप : सुप्रीम कोर्ट ने दिए अरुणाचल सीएम हेमा खांडू के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश

    अरुणाचल में ठेकों के आवंटन में कथित अनियमितताओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है. यह आरोप मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजनों की कंपनियों को ठेके देने से जुड़ा है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट :-

    नई दिल्ली/ ईटानगर, 7 अप्रैल 2026. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजरिया की खंडपीठ ने सीबीआई को 16 सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है कि क्या इस मामले में विस्तृत जांच आवश्यक है. कोर्ट ने सीबीआई को 1 जनवरी 2015 से लेकर 31 दिसंबर 2025 तक दिए गए  ठेकों की जांच करने को कहा है, हालांकि, आवश्यकता होने पर इससे बाहर के मामलों की भी जांच की जा सकती है. अदालत ने राज्य सरकार और  संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि  वे 4 सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक रिकॉर्ड सीबीआई को उपलब्ध कराएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई दस्तावेज नष्ट न होने पाए. साथ ही, राज्य के मुख्य सचिव को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया गया है.

    क्या है आरोप?

    याचिकाकर्ताओं सेव मोन रीजन फेडरेशन और वॉलंटरी अरुणाचल सेना ने आरोप लगाया कि लगभग 1270 करोड़ के ठेके मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की कंपनियों को दिए गए. इनमें उनकी पत्नी की कंपनी 'm/s ब्रांड एंगल्स ' और भतीजे तसेरिंग ताशी की कंपनी 'm/s एलाइंस ट्रेडिंग' शामिल है.

    अदालत की कार्यवाही

    यह याचिका 2024 में दायर की गई थी, इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से जवाब तलब किया था. इससे पहले, मुख्यमंत्री के पिता दोरजी खांडू से जुड़े एक अन्य  मामले में भी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट मांगी गई थी. कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के  आचार संहिता के मुताबिक, कोई मंत्री अपने परिजनों को अनुचित लाभ नहीं दे सकता. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच कर  रिपोर्ट देने को कहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.