दिल्ली में शिक्षा पर बड़ा खेल! स्कूल फीस बढ़ोतरी पर सरकार ने झाड़े हाथ!
दिल्ली में शिक्षा प्रणाली को लेकर चल रहे सियासी घमासान और 2025-26 की ताजा घटनाओं के आधार पर, यह एक अत्यंत संवेदनशील और राजनीतिक रूप से प्रेरित विषय है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट :-
नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ( जिसे वे
'चार इंजन की सरकार' बता रहे हैं- केंद्र, दिल्ली सरकार, एमसीडी और एलजी) के सत्ता में आने के बाद दिल्ली के निजी स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं, यह चिंता की बात है. पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि 10 साल तक केजरीवाल सरकार ने निजी स्कूलों की लूट पर रोक लगाई थी, लेकिन अब शिक्षा माफिया फिर से वापस आ गया है.न
निजी स्कूलों की फीस में बढ़ोतरी
खबरों के मुताबिक, 2025 में भाजपा सरकार बनने के कुछ ही समय बाद निजी स्कूलों द्वारा मनमानी ढंग से फीस बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आई है.
सरकार का पक्ष और नया कानून
दूसरी ओर, 2026 में सामने आया है कि सरकार
'दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस के निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025' को लेकर आई है, जो निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने को विनियमित करने का प्रयास है.
सुप्रीम कोर्ट ने किया हस्तक्षेप
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस नए कानून को सत्र के बीच में लागू करने की जल्दबाजी पर सवाल उठाया है, जिससे प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने का मामला और उलझ गया है.
मामला कक्षा निर्माण का
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली सरकार के निजी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित तौर पर रुपए 2000 करोड़ का भ्रष्टाचार भी सामने आया है. इस मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने प्राथमिक की दर्ज की है, जिसमें आम आदमी पार्टी नेताओं पर घपला करने का आरोप है. दरअसल, दिल्ली में शिक्षा प्रणाली के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच तीखा आरोप प्रत्यारोप चल रहा है. एक तरफ फीस का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के मामले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था बड़े राजनीतिक और कानूनी दाव - पेंच में फांसी हुई दिख रही है.