• सड़क पर रोकी गाड़ी, गनमैन  को पीटा... केरल के मलप्पुरम  में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमला

    केरल के मलप्पुरम जिले के वंडूर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले को अज्ञात हमलावरों ने बीच सड़क पर रोका और उनके गनमैन के साथ मारपीट की. शशि थरूर यूडीएफ प्रत्याशी ए. पी. अनिल कुमार के समर्थन में प्रचार कर रहे थे. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो हमलावरों को हिरासत में ले लिया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
    मल्लपुरम, 4 अप्रैल 2026. केरल के मलप्पुरम जिले के वंडूर इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कांग्रेस सांसद शशि थरूर  के साथ चुनाव प्रचार के दौरान बदसलूकी की गई. यह घटना उस समय हुई जब शशि थरूर यूडीएफ प्रत्याशी ए. पी. अनिल कुमार के समर्थन में प्रचार करने जा रहे थे.

    रास्ता रोककर  हमला 

    जानकारी के मुताबिक, शशि थरूर  दो गाड़ियों के काफिले में यात्रा कर रहे थे और वह आगे वाली गाड़ी में बैठे थे. तभी अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने बीच सड़क पर उनका रास्ता रोक लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल गाड़ी को आगे बढ़ने से रोका, बल्कि कार के शीशों पर जोर-जोर से हाथ मारकर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया.

    गनमैन के साथ मारपीट

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब थरूर के गनमैन ने बीच बचाव करने की कोशिश की. हमलावरों ने गनमैन के साथ धक्का - मुक्की और मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान वहां मौजूद लोगों में डर और अफरा - तफरी का माहौल बन गया. घटना के तुरंत बाद  स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर  स्थिति को नियंत्रित किया.

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई 

    पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए दो बदमाशों को हिरासत में ले लिया है. फिलहाल मामले की  जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मामला पहले से  सुनियोजित था या फिर अचानक हुए किसी विवाद का नतीजा.

    चुनावी माहौल पर असर 

    इस घटना ने चुनावी माहौल में सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. गौरतलब  है कि केरल में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि 4 मई 2026 को परिणाम घोषित किए जाएंगे. राज्य में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, जहां एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. बता दें कि ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान किस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी असर डाल सकती है. अब सबकी नजर   इस बात पर टिकी है  कि जांच में क्या खुलासा होता है और आगे प्रशासन क्या कदम उठाता है.