• वंदे भारत के खाने पर फिर उठे सवाल, महिला के सूज गए होंठ, बेटे की बिगड़ी तबीयत

    वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में पड़ोसी गए खाने को लेकर विवाद बढ़ा, वाराणसी- देवघर यात्रा के दौरान महिला को एलर्जी और बच्चे की तबीयत बिगड़ी. सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद आईआरटीसी ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और फूड क्वालिटी पर सवाल खड़े जरूर हो गए हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-

    वाराणसी, 3 अप्रैल 2026. देश की सबसे आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर खाने की गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है. इस बार मामला वाराणसी - देवघर जा रही एक महिला यात्री से जुड़ा है, जिनका दावा है कि ट्रेन में परोसा गया खाना खाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. महिला के मुताबिक, वह 27 मार्च को ट्रेन नंबर 22500 वंदे भारत एक्सप्रेस के  कोच ई --1 में सफर कर रही थी. सफर के दौरान उन्होंने ट्रेन में दिया गया लंच खाया, लेकिन कुछ ही देर बाद  उनके होंठ सूजने लगे और शरीर में एलर्जी के लक्षण दिखाई देने लगे. स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ी.

    सोशल मीडिया पर शेयर की फोटो

    महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी तस्वीरें शेयर की, जिनमें उनके सूजे हुए  होंठ साफ नजर आ रहे हैं. साथ ही डॉक्टर की पर्ची भी पोस्ट की, जिससे मामला और गंभीर हो गया. महिला ने यह भी बताया कि उनके साथ यात्रा कर रहा उनका 2 साल का बेटा भी  इस खाने से प्रभावित हुआ. बच्चों को यात्रा के दौरान ही दस्त की समस्या शुरू हो गई, जिससे वह काफी असहज हो गया. महिला का कहना है कि उन्होंने 24 घंटे के अंदर अस्पताल जाकर इलाज कराया, जिसके बाद जाकर दोनों की हालत में सुधार हुआ. उन्होंने ट्रेन में मिलने वाले पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए और कहा कि उसका स्वाद सामान्य नहीं था.

    सोशल मीडिया पर लोगों ने तेजी से दी  प्रतिक्रियाएं 

    इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की  प्रतिक्रियाएं भी तेजी से आने लगी. कई यूजर्स ने रेलवे  के खाने की गुणवत्ता और साफ सफाई को लेकर चिंता भी जताई. वहीं, कुछ लोगों ने अपने पुराने अनुभव भी शेयर किए, जिनमें खाने को लेकर शिकायतें सामने आई थी.

    आईआरसीटीसी ने दी सफाई

    मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईआरसीटीसी ने सफाई दी है. उनका कहना है कि जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन परोसे गए खाने की जांच की गई थी और उसमें कोई कमी नहीं पाई गई. साथ ही यह भी कहा गया कि इस ट्रेन में सफर कर रहे किसी अन्य यात्री ने खाने को लेकर शिकायत नहीं की थी. हालांकि, इस जवाब से पीड़ित महिला संतुष्ट नहीं है. उनका कहना है भले ही बाकी यात्रियों को  कोई समस्या ना हुई हो, लेकिन उन्हें और उनके बच्चे को परेशानी झेलनी पड़ी. बाद में आईआरसीटीसी ने महिला से निजी तौर पर संपर्क कर पूरी जानकारी मांगी और जांच का भरोसा दिया है. लेकिन यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने ले आई है  कि क्या प्रीमियम ट्रेनों में परोसा जाने वाला खाना वास्तव में सुरक्षित और भरोसेमंद है?