• तेलंगाना में कांग्रेस का झंडा बुलंद, नगर निकाय चुनाव में बनी सबसे बड़ी ताकत

    तेलंगाना में आज  घोषित हुए नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस का झंडा बुलंद नजर आया. वह चुनाव में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. जबकि दूसरे स्थान बनाने के लिए बीजेपी और बीआरएस के बीच फाइट रही. बीजेपी का कैसा रहा प्रदर्शन?

    हैदराबाद, 13 फरवरी 2026. तेलंगाना  के 7 शहरों में हुए नगर निगमों और 116 नगर पालिकाओं के वोटों की गिनती जारी है। नगर निगमों में कल 414 वार्ड है. वहीं, नगर पालिकाओं में कुल  2996  वार्डों पर चुनाव हुए हैं. इन चुनाव में अपना दबदबा कायम रखने के लिए कांग्रेस, बीजेपी, बीआरएस और एआईएमआईएम भी आखिरी समय तक पूरी ताकत झोंकी थी. अभी तक के रुझान में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती हुई नजर आ रही है. जबकि बीजेपी  दूसरे नंबर पर चल रही है. जिन 7 निगमों के चुनाव परिणाम आज घोषित किए जा रहे हैं, उनमें  करीमनगर (66 वार्ड ), निजामाबाद ( 60 वार्ड ), नलगोण्डा ( 48 वार्ड ), मंचेरियल ( 60 वार्ड ) और कोठागुडेम ( 60 वार्ड ) शामिल हैं. तेलंगाना राज्य  निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इन नगर निगमों और नगर पालिकाओं के लिए 11 फरवरी को वोट डाले गए थे. इन चुनावों में करीब 73 परसेंट मतदाताओं ने  बैलट पेपर से वोट डाले थे. अब घोषित हुए परिणामों के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है.

    चुनावों में कांग्रेस का रहा दबदबा 

    कांग्रेस ने  रामगुंडम, महबूबनगर, नलगोण्डा तथा मंचेरियल 4 नगर निगमों में जीत हासिल की है. जबकि भाजपा ने  दो बड़े शहरों करीमनगर और  निजामाबाद पर  कब्जा जमाया है. वहीं, कोठागुडेम में सीपीआई की जीत आश्चर्यजनक रही. अगर नगर पालिकाओं की बात करें तो वहां भी कांग्रेस का दबदबा स्पष्ट दिख रहा है. कुल 2996 वार्डों में कांग्रेस 1200 से अधिक वार्डों में बढ़त बनाई है. जबकि  बीआरएस ने 600 वार्डों में दकमखम दिखाया. वहीं, बीजेपी 200 वार्डों में आगे रही.

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस ट्रेंड से स्पष्ट है कि तेलंगाना में कांग्रेस का असर बरकरार है और वह अपनी लोकप्रियता को बनाए हुए है. जबकि बड़े शहरी क्षेत्रों में उसे बीजेपी और छोटे शहरों में बीआरएस टक्कर दे रही है. यदि यही ट्रेंड जारी रहा तो  कांग्रेस के लिए राज्य की सत्ता फिर से वापसी का राह आसान हो सकती है.