PMO अब 'सेवा तीर्थ' से चलेगा, PM मोदी ने किया उद्घाटन
साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक वर्षों से सत्ता के केंद्र रहे। PMO 95 वर्षीय पुरानी बिल्डिंग से 'सेवा तीर्थ' में शिफ्ट हो रहा है। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कर्तव्य भवन 1 एवं 2 का उद्घाटन किया। साथ ही, एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ (Sevateerth) कर दिया गया है।
नई दिल्ली, 13 फरवरी, 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित किया, जो जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की पुनर्पुष्टि करता है और शासन के मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में “नागरिक देवो भव” की भावना को रेखांकित करता है।
संध्या समय आयोजित सार्वजनिक समारोह में प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में पट्टिका का अनावरण कर कर्तव्य भवन 1 एवं 2 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया गया। साथ ही, एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ (Sevateerth) कर दिया गया है। यह कार्यक्रम देश की प्रशासनिक संरचना में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो आधुनिक, कुशल, सुलभ एवं नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ केवल एक भवन नहीं, बल्कि कर्तव्य, करुणा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देशवासियों की सेवा के संकल्प और ‘नागरिक देवो भव’ की भावना को साथ लेकर इस पहल को राष्ट्र को समर्पित किया गया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा और जन-जन के कल्याण हेतु समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देती रहेगी। प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक तंत्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस परिसर में प्रवेश करते समय ‘कर्तव्य’ की सर्वोच्च भावना को आत्मसात करें और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह तथा केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर तोखन साहू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ भारत के प्रशासनिक शासन ढांचे में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह पहल एक आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।