लखनऊ पुलिस से भिड़े कांग्रेसी, बैरिकेडिंग पर चढ़े.. 300 कांग्रेसी हाउस अरेस्ट
लखनऊ में मंगलवार को कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेसियों का हुजूम और पुलिस के बीच झड़प हो गई. जमकर हुई धक्का - मुक्की के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, विधायक आराधना मिश्रा मोना समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट :-
लखनऊ, 18 फरवरी 2026. एक घंटे तक गहमागहमी के बीच करीब 1000 से अधिक कार्यकर्ताओं को रोकने में पुलिस फोर्स के पसीने छूट गए. जबकि आरएएफ और पीएसी के 500 से अधिक फोर्स ने किसी तरह सभी को उतारकर बस में ठूंस - ठूंसकर भरा और ईको गार्डन ले गए. इस दौरान अजय राय बैरिकेडिंग से उतरने लगे तो उनका पैर फिसल गया. वे लड़खड़ा गए. हालांकि, पुलिस फोर्स ने उन्हें संभाला.
दरअसल, अजय राय सोमवार को मनरेगा, शंकराचार्य और माता अहिल्याबाई होलकर मुद्दे पर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था . इस वक्त यूपी विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है. वहीं, कांग्रेस दफ्तर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. ट्रैकों में भरकर पीएसी और आरएएफ फोर्स पहुंचे. खबर है कि बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया समेत समग्र प्रदेश के 300 से अधिक कांग्रेसियों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. जो कार्यकर्ता लखनऊ के लिए रवाना हुए थे, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और वापस लौटा दिया.
रायबरेली में कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी की पुलिस से नोकझोंक हो गई. उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा- आप भाजपा के नाम पर गुंडई कर रहे हैं. वहीं, हरदोई में रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर पकड़ा. गौतम बुद्ध नगर में भी कांग्रेसी कार्यकर्ता गाजियाबाद स्टेशन से ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचे. इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा-- अगर आप प्रोटेस्ट करते हैं, तो तैयारी के साथ करें. यदि एक पुलिसवाला डंडा लेकर आता है, तो 50 लोग एक साथ खड़े होने चाहिए. नहीं तो आप डंडा झेलेंगे. हर प्रोटेस्ट ऑर्गेनाइज्ड और तैयार होना चाहिए. आराधना मिश्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया लाठीमार का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया.
1 वर्ष पहले भी घेराव के दौरान एक कांग्रेस कर्मी की हुई थी मौत
एक वर्ष पूर्व विधानसभा घेरने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत हो गई थी. अजय राय ने आरोप लगाया था कि पुलिस की लाठी मार से जख्मी पांडेय को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
कांग्रेसियों पर लाठी चार्ज का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुई लाठी मार के मुद्दे को जोर शोर से उठाया. उन्होंने कहा-लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकना गलत है. योगी आदित्यनाथ का तानाशाही रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
राधा मिश्रा ने कहा-- सरकार पुलिस को आगे कर देती है
कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा, "हम मनरेगा की आवाज, गरीब व्यक्ति, किसान, मजदूरों की आवाज है... चाहे पुलिस लगा दें, प्रशासन लगा दें, कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है... जब सरकार के पास जवाब नहीं होता तो..."