तेलंगाना कांग्रेस को बड़ा झटका: टी. जीवन रेड्डी का इस्तीफा, सीएम रेवंत के खिलाफ बगावती सुर
तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने बीते 20 महीनों से मानसिक प्रताड़ना और अपमान को इसकी वजह बताया है, उनके इस्तीफे को रेवंत रेड्डी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
हैदराबाद, 29 मार्च 2026. तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के फैसले को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. जीवन रेड्डी ने अपने इस्तीफे में पार्टी के भीतर बीते 20 महीनों से जारी मानसिक प्रताड़ना और अपमान को इसकी मुख्य वजह बताया है.
20 महीनों की मानसिक पीड़ा का आरोप
टी. जीवन रेड्डी ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा है कि कांग्रेस के साथ लंबे और प्रतिबद्ध राजनीतिक सफर के बावजूद हाल के आंतरिक घटनाक्रमों ने उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा दी है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे अपमान और मानसिक तनाव के चलते अब उनके लिए कांग्रेस पार्टी में बने रहना संभव नहीं है.
वरिष्ठ मंत्री की मनाने की कोशिश नाकाम
इस्तीफे से पहले वरिष्ठ मंत्री श्रीधर बाबू ने टी. जीवन रेड्डी से संपर्क कर उन्हें शांत करने और फैसला बदलने की कोशिश की थी. लेकिन जीवन रेड्डी अपने निर्णय पर अडिग रहे और अंततः उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया.
निजामाबाद- करीमनगर में कांग्रेस का मजबूत चेहरा
टी. जीवन रेड्डी निजामाबाद और करीमनगर क्षेत्र में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ माने जाते रहे हैं. बीआरएस (पूर्व में टीआरएस) और अब टीडीपी की राजनीतिक लहर के बावजूद टी. जीवन रेड्डी ने इस इलाके में कांग्रेस का झंडा मजबूती के साथ बुलंद रखा था. उनके पार्टी छोड़ने से क्षेत्रीय स्तर पर कांग्रेस को बड़ा नुकसान होना माना जा रहा है.
रेवंत रेड्डी के लिए बढी मुश्किलें
गौर करने वाली बात यह है कि टी. जीवन रेड्डी का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पार्टी के भीतर पुराने कांग्रेसी नेताओं के असंतोष का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का पार्टी छोड़ देना पार्टी के लिए आंतरिक चुनौती को और गहरा कर सकता है.