शेयर बाजार में ट्रेनिंग करना हुआ महंगा और क्या-क्या हुआ महंगा
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट : हैदराबाद, 1 फरवरी 2026. शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना अब महंगा हो जाएगा, क्योंकि सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02% से बढाकर 0.05% कर दिया है. वहीं ऑप्शंस प्रीमियम पर प्रतिभूति लेनदेन टैक्स (एसटीटी) 0.1% से 0.15% और ऑप्शन एक्सरसाइज पर 0.125% से 0.15% कर दिया गया है. इससे फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेडिंग करना महंगा हो जाएगा. जबकि कंपनियों के शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स के लिए टैक्स स्ट्रक्चर सख्त किया गया है.
हालांकि बजट 2026 में मिनरल, स्क्रैप, शराब महंगे हुए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के विश्लेषण से स्पष्ट है कि इस बार सरकार ने उत्पादन और उपभोग को सस्ता करने के साथ-साथ वित्तीय लेनदेन के लिए महंगा का रास्ता चुना है. जबकि इलाज के खर्चे में कमी, विदेश यात्रा एवं शिक्षा पर कम टैक्स, और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक एवं ऊर्जा से संबंधित उत्पादों के सस्ते होने की भी संभावना है.