• रिटायर्ड इंजीनियर के घर से मिला ढाई किलो गोल्ड और 20 किलो चांदी, 50 करोड़ का इंजीनियर पकड़ाया

    एसीबी ने  आंध्र प्रदेश के रिटायर हुए एक  पंचायती राज विभाग के सुप्रिडेंटिंग इंजीनियर कल्लेपल्ली श्रीनिवास राव के आवास और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर  दबिश देकर 50 करोड़ रुपए से अधिक की  अवैध संपत्ति जब्त की है. दबिश देते वक्त एसीबी टीम को 61.87 लाख कैश, 2.5 किलो गोल्ड, 20.3 किलो चांदी, कई प्लॉट और जमीन के कागजात मिली है. वहीं, पांच बैंक लॉकर भी चिन्हित हुए हैं. समाचार संपादक  देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    हैदराबाद/ विशाखापट्टनम, 7 फरवरी 2026. आंध्र प्रदेश एंटी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायती राज विभाग से  हाल ही में रिटायर्ड हुए सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कल्लेपल्ली श्रीनिवास राव के आवास और कई ठिकानों पर दबिश देकर  50 करोड़ से अधिक किस अवैध  संपत्ति का पर्दाफाश किया है. जानकारी के मुताबिक, श्रीनिवास राव 1990 से पंचायती राज विभाग में कार्यरत थे और 31 दिसंबर 2025 को आंध्र प्रदेश स्थित विशाखापट्टनम में एसई पद से सेवानिवृत्त हुए थे.

    मल्टी - लोकेशन दबिश 
    एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने विशाखापट्टनम, सालुरु, और हैदराबाद में राव और उनके सहयोगी और परिवार से जुड़े कहीं ठिकानों पर एक साथ दबिश दिए. शुरुआती जांच में यह संकेत मिला था कि राव की संपत्ति  आय से कई गुना अधिक है.

    एसीबी की दबिश में  मिली अधिक संपत्ति 
    एसीबी  अधिकारियों ने बताया कि  सर्च ऑपरेशन के दौरान राव के ठिकानों से  भारी मात्रा में  कैश, गोल्ड और जमीन के अनेक दस्तावेज  बरामद हुए हैं.

    कानूनी कार्रवाई शुरू
    एसीबी ब्यूरो ने रिटायर्ड  इंजीनियर श्रीनिवास राव के विरुद्ध  प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इसकी पुष्टि करते हुए अधिकारियों ने कहा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद राव को गिरफ्तार कर  विशाखापट्टनम की विशेष एसीबी अदालत में पेश किया जाएगा. जबकि जल्द ही एसीबी  चिन्हित बैंक लॉकरों को खोलकर विस्तृत फॉरेंसिक जांच करेगी, जिससे संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है.

    आंध्रा में बढ़ी एसीबी की सख्ती 
    यह हाई - वैल्यू सीजर ऐसे वक्त पर हुई है जब आंध्र प्रदेश में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सरकारी अफसरों विशेषकर राजस्व और इंजीनियरिंग विभाग पर शिकंजा कसते  हुए कई बड़ी कार्रवाई तेज की है.