US-Israel Iran Strike LIVE: सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत की खबरों के बीच उनके पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे लोग, ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
US-Israel Iran Strike LIVE Updates: ईरान के प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर और इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे जा चुके हैं. प्रेस टीवी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान पर US-इज़रायली हमलों में यातुल्ला अली खामेनेई शहीद हो गए हैं. खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के सार्वजनिक शोक का ऐलान किया गया है. वहीं हमले में खामेनेई की बेटी और पोती के भी मारे जाने की खबर है.
तेहरान/नई दिल्ली, 1 मार्च 2026। अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को ईरान पर हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट में मिलिट्री टेंशन बढ़ गया, जो कई हफ़्तों से लड़ाई की कगार पर है. इज़रायल ने कहा कि US के नेतृत्व वाले ऑपरेशन ने पहले से हमले किए थे. US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक 'बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन' की पुष्टि की क्योंकि ईरान के कई हिस्सों में धमाके सुने गए. ईरान ने जवाबी हमले में 'करारा' जवाब देने का दावा करते हुए इजरायल और मिडिल ईस्ट में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने के लिए कहा गया है. ईरान के प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर और इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे जा चुके हैं. प्रेस टीवी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान पर US-इज़रायली हमलों में यातुल्ला अली खामेनेई शहीद हो गए हैं. खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के सार्वजनिक शोक का ऐलान किया गया है. सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत की खबरों के बाद लोगों की फोटो लेकर ईरान की सड़कों पर उतर गए हैं.
वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मारा जा चुका है. इस युद्ध में ईरान को यमन के हुती विद्रोहियों और लेबनान के हिजबुल्ला का समर्थन मिला है, जबकि इजरायल को अमेरिका का साथ मिल रहा है.
ईरान ने कहा है कि वह अपनी रक्षा करेगा और लड़ता रहेगा. वहीं, इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि अगर अभी ईरान को नहीं रोका गया तो वह अजेय हो जाएगा. मौजूदा वक्त में मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है.
मौजूदा घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक वार्ताओं की चर्चा थी. गुरुवार को जिनेवा में दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई थी और आज नए दौर की बातचीत प्रस्तावित थी, लेकिन इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान को 'बहुत कठिन' और 'बहुत खतरनाक' बताया था. अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को बढ़ते खतरे के मद्देनजर इजरायल से गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों को हटाने की अनुमति दी थी.
खामेनेई के समर्थन में ईरान की सड़कों पर उतरे लोग
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के दावे के बीच ईरान के अंदर लोग पोस्टर के साथ सड़कों पर उतर गए हैं. लोग खामेनेई के समर्थन में इकट्ठा हो रहे हैं और देश के समर्थन में एकजुट हो गए हैं. यह इजरायल और अमेरिका के लिए अच्छी खबर नहीं है.
हमले में मारे गए सैकड़ों अमेरिका सैनिक, ईरान का दावा
Press TV की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी के IRGC ने दावा किया है कि अमेरिका के 14 बेस को निशाना बनाया गया है. इस जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.
अमेरिका और इजरायल के हमलों में खामेनेई की बेटी और पोती की मौत
ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमलों में देश के सुप्रीम लीडर खामेनेई की बेटी, दामाद और पोती की मौत हो गई है. हालांकि, सरकारी मीडिया ने अभी इजरायली पीएम और ट्रंप के उस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन में खामेनेई की मौत हो गई है.
ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा?
ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामनेई के बाद सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया और संभावित उत्तराधिकारियों पर दुनिया की नजर है. अगले सर्वोच्च नेता का चयन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की भूमिका से सुनिश्चित होगा. मुज्तबा ख़ामनेई, अलीरेज़ा अराफ़ी, मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी, हसन ख़ामनेई और हाशेम हुसैनी बुशेहरी का नाम चर्चाओं में है. यह चयन ईरान की भविष्य की विदेश नीति और शासन व्यवस्था की दिशा तय करेगा. सत्ता का यह बदलाव देश के धार्मिक और राजनीतिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा. यह प्रक्रिया ईरान की स्थिरता के लिए अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक है.
ईरान के 'सर्वोच्च नेता' थे अली ख़ामेनेई
ईरानी मीडिया ने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि कर दी है. अली ख़ामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे. वे देश के सबसे शक्तिशाली पद पर आसीन थे और सेना से लेकर विदेश नीति तक, देश के हर अहम फैसलोंं पर उनका अंतिम कंट्रोल था. वे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही ईरान की राजनीतिक और धार्मिक दिशा तय कर रहे हैं. खामेनेई, 1939 में मशहद में जन्मे रूहोल्लाह खुमैनी के बाद देश की सत्ता के दूसरे सर्वोच्च केंद्र बने. उन्होंने सैन्य, न्यायिक और मीडिया संस्थानों पर अपना वर्चस्व बनाए रखा. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही वे राजनीति में सक्रिय रहे. उनका कार्यकाल पश्चिमी देशों के साथ तनाव और मध्य पूर्व की भू-राजनीति में ईरान की भूमिका को परिभाषित किया.