• मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत, 3 की हालत गंभीर, आंध्रप्रदेश की घटना से हड़कंप

    यह त्रासदी यहां के नरसापुर गांव की डेयरी यूनिट से 100 से अधिक परिवारों को दूध पहुंचाया गया. खरीदारों ने दूध पीने के कुछ ही घंटों में गंभीर लक्षण महसूस किए, इसके बाद उन्हें डायलिसिस और वेंटिलेटर सपोर्ट की..., पढ़िए, समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट :-

    अमरावती, 23 मार्च 2026. आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में दूध में मिलावट की भयानक घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. मिली जानकारी के मुताबिक, मिलावटी दूध पीने से यहां 16 लोगों की मौत हो गई है और 3 की हालत अभी भी गंभीर है. लालचेरुव और स्वरूप नगर जैसे इलाकों में फरवरी से ही लोग बीमार पड़ने लगे थे. दूध पीने के बाद लोगों में उल्टी, पेट दर्द और पेशाब बंद होने के चलते गंभीर किडनी फेलियर जैसी समस्याएं सामने आई है.

    शुरुआत में पिछले 22 फरवरी को कुछ मामले दर्ज हुए, लेकिन जांच में पता चला कि एक स्थानीय  डेयरी यूनिट से सप्लाई किया गया दूध एथिलीन ग्लाइकॉल  नामक जहरीले पदार्थ से दूषित था. इस मिलावट के कारण 20 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे. अब तक इस घटना में मौतों का आंकड़ा बढ़कर  16 हो चुका है, जबकि 3 मैरिज अभी भी गंभीर हालत में  आईसीयू में है.

    इस बीच  स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्टि हुई कि दूध में एथिलीन  ग्लाइकॉल मिलाया गया था, जो किडनी और अन्य अंगों को स्थायी क्षति पहुंचाता है. कई मरीजों में ब्लड यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर असामान्य रूप से बढा हुआ पाया गया. यह पदार्थ आमतौर पर  एंटी- फ्रीज में इस्तेमाल होता है और खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए इसका प्रयोग बेहद खतरनाक है.

    इस त्रासदी  के बाद दूध की सप्लाई तुरंत रोक दी गई है एवं प्रभावित क्षेत्रों में डोर - टू - डोर सर्वेक्षण किया गया. हालांकि, यह दुखद घटना ने  न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि  पूरे देश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है.