• कोटा से लोरमी होते पंडरिया पहुंचने में लगेगा कम समय, 84.89 करोड़ स्वीकृत

    कोटा- लोरमी- पंडरिया मार्ग के निर्माण के लिए 84 करोड़ की स्वीकृति पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से उस क्षेत्र की दशा और दिशा दोनों बदल जाएगी। मार्ग के 11 किमी सड़क का मजबूतीकरण और उन्नयन दोनों होगा तथा 22 किमी पैच के लिए भारत सरकार को पत्र लिखे हैं।

    रायपुर, 22 मार्च 2026. कोटा से लोरमी और पंडरिया जाने वालों को जल्द ही राहत मिलेगी। कोटा से पंडरिया करीब 67 किमी  पहुंचने में अभी डेढ़ से 2 घंटा लगता है। इस मार्ग के चौड़ीकरण और नवीनीकरण के बाद यह दूरी सिमट जाएगी। एक घंटे में ही कोटा से पंडरिया पहुंचा जा सकेगा। दरअसल सरकार ने कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग के उन्नयन और मजबूतीकरण का निर्णय लिया है। बिलासपुर से लोरमी पहुंचने के लिए यह मुख्य मार्ग है। 

    राज्य शासन ने मुंगेली जिले में कोटा-लोरमी-पंडरिया राज्य मार्ग के लिए 84 करोड़ 89 लाख 35 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने 'आज की आवाज़' से चर्चा करते हुए कहा कि इस सड़क के निर्माण से उस क्षेत्र की दशा और दिशा दोनों बदल जाएगी। मार्ग के 11 किमी सड़क का मजबूतीकरण और उन्नयन दोनों होगा तथा 22 किमी पैच के लिए भारत सरकार को पत्र लिखे हैं। इस राशि से केन्द्रीय सड़क निधि (CRIF) योजनांतर्गत पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही 11 किमी सड़क का मजबूतीकरण और उन्नयन किया जाएगा।

    उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
       
    लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।