• संघ की संगठनात्मक व्यवस्था में बड़ा बदलाव, छत्तीसगढ़ में अब केवल दो संभाग होंगे

    आरएसएस के संगठन में बदलाव और विस्तार पर संघ के मध्य क्षेत्र प्रमुख डॉ. पुर्णेन्दु सक्सेना तथा प्रान्त प्रमुख टोप लाल वर्मा  ने बुधवार को रायपुर के जागृति मंडल में  पत्रकारों से चर्चा की।

    रायपुर, 19 मार्च 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी संगठनात्मक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। कार्यविस्तार के तहत कार्य संचालन और निर्णय के विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से भौगोलिक रचना में परिवर्तन किए गए हैं। नई भौगोलिक रचना में देश में 9 क्षेत्र और 85 संभाग होंगे। जिसके तहत छत्तीसगढ़ से दो संभाग रायपुर और बिलासपुर बनाए गए हैं। संघ के मध्य क्षेत्र प्रमुख डॉ. पुर्णेन्दु सक्सेना तथा प्रान्त प्रमुख टोप लाल वर्मा  ने बुधवार को रायपुर के जागृति मंडल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का 13, 14 एवं 15 मार्च को माधव श्रृष्टि सवालखा हरियाणा में सम्मेलन सम्मपन्न हुआ। जिसमें संत शिरोमणि सतगुरू संत रविदास के 650 प्राकट्य उत्सव पर देश भर से 1438 प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें क्षेत्र, प्रांत, टोली कार्यविभागों के क्षेत्र प्रमुख विभाग प्रचारक एवं अन्य सदस्य शामिल हुए।

    उन्होंने ने बताया संघ के शताब्दी वर्ष में संघ के संविधान में भी परिवर्तन हुआ है। देश में 924 जिलों में 6602 खंडों में 6127 खंड शाखायुक्त हैं। इस वर्ष शाखायुक्त मंडलों की संख्या में 1535 की वृद्धि हुई। वर्तमान में 32305 मंडल तथा 2523 नगर शाखायुक्त है। देशभर में कुल 55683 स्थानों पर 40800 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखा में 88949 शाखा है। कार्यकर्ताओं द्वारा 32606 साप्ताहिक मिलन एवं 13211 संघ मंडली संचालित की जा रही है। देश भर में 38081 सेवा बस्तियों में से 9576 खाशा युक्त सेवा बस्तियां हैं। देश भर में कुल 105 शिक्षा वर्ग और कार्यकर्ता विकास वर्गों में 21526 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

    छत्तीसगढ़ में 1643 स्थानों पर लग रही 2,188 शाखाएं

    छत्तीसगढ़ प्रांत में 34 जिलों 1643 स्थानों में 2,188 शाखा लग रही हैं। इनमें विद्यार्थी संयुक्त शाखा 1,246, महाविद्यालयीन (केबल तरुण) 124, तरुण व्यावसायी शाखा 482, प्रौद्र व्यावसायी शाखा 192, बाल शाखा 144 हैं. प्रांत में 833 साप्ताहिक मिलन लग रहे हैं. बहे आयु के स्वयंसेवकों के मिलन की संख्या 155 है. संघ मंडली की संख्या 632 है. प्रांत में शाखा युक्त सेवा बस्तियों की संख्या 193 है. वहीं शाखायुक्त मंडल की संख्या 1053 है. शाखायुक्त नगर (अन्य) की संख्या 55 वहीं न्यूनतम 2 शास्त्रा हैं ऐसे नगर की संख्या भी 55 है. रायपुर महानगर को 14 नगरों में बांटा गया है, जिसमें कुल 131 बस्ती हैं, जिनमें 204 शाखा लग रही हैं. प्रांत में 84 प्रांरभिक वर्ग में 3,890 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की. प्रांत में न्यूतमम 5 शाखा अवश्य हैं, ऐसे जिला केंद्रों की संख्या 26 हो चुकी है।

    चलाया विशेष संपर्क अभियान

    अधिकाधिक घरों तक संघ की सौ वर्षों की यात्रा संघ कार्य का परिचय और पंच परिवर्तन के विषय को पहुँचाने हेतु गृहसम्पर्क अभियान चलाया गया। अभी तक 37 प्रांतों के 3,89,465 ग्रामों और 31,143 बस्तियों के 10 करोड़ से अधिक घरों पर संपर्क हो चुका है. अभी 11 प्रांतों में गृह संपर्क चल रहा है. छत्तीसगढ़ प्रांत में विशेष संपर्क अभियान में 20,326 लोगों से विशेष संपर्क किया गया. ग्रामीण क्षेत्र में 1560 मंडलों में तथा नगरीय क्षेत्र में 666 बस्ती में 19429 टोलियों के क्षेत्रों में संघ की सी वर्ष की माया और समाज परिवर्तन में अपनी भूमिका से संबंधित पत्रक और पुस्तक धारा 61,686 कार्यकर्ताओं ने 30,55,557 घरों में गृह संपर्क किया गया।