महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा : साय
देशभर की मातृशक्ति में इस बिल को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अड़ियल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई।
रायपुर, 19 अप्रैल 2026। परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण, उत्तर-दक्षिण वैमनस्य पैदा करने की गर्हित कोशिश करके नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। यह हमारे देश की 70 करोड़ माता-बहनों के साथ सरासर धोखा है, अपमान है। इसके लिए निश्चित रूप से देश की मातृशक्ति उन्हें कतई माफ नहीं करेगी और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है।
मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर रहेंगे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी, माता-बहनों को देश के विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत नेतृत्व नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था और संसद के विशेष सत्र में उस पर चर्चा की गई। 16 से 18 अप्रैल तक आहूत संसद के सत्र से पहले एक बहुत अच्छा वातावरण पूरे देश व प्रदेश में था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अड़ियल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं को पंचायतों में दिए गए 50 फीसदी आरक्षण सहित अन्य महिला उत्थान की संचालित की गई। आज त्रि-स्तरीय पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व 50 से बढ़कर 57 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 22 प्रतिशत तक है। साय ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने बावजूद भाजपा का संकल्प डिगा नहीं है और इस अधिनियम के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करके हम देश की मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे।
17 अप्रैल की तारीख एक काले अध्याय के रूप दर्ज हो गई: अरुण सिंह
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर कांग्रेस के नकारात्मक रवैए और काली करतूत के चलते 17 अप्रैल की तारीख एक काले अध्याय के रूप दर्ज हो गई है। कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध करके देश की महिलाओं का अपमान किया है और देश की महिलाएँ अपने इस अपमान को सदैव याद रखकर कांग्रेस को सबक सिखाएंगीं। सिंह ने कहा कि जब-जब महिलाओं के हित और अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने सदैव महिलाओं को प्रताड़ित करने का काम ही किया।
अरुण सिंह ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक गिरा तो एक ओर जहाँ महिलाओं की आँखों में आँसू थे तब कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संसद में ताली बजाकर, मेज थपथपाकर और सदन से बाहर जाकर खुशियाँ मनाई। सिंह ने कहा कि कांग्रेस के हर मनगढ़ंत तर्कों का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाधानकारक व संतोषजनक जवाब दिया, प्रधानमंत्री मोदी ने बिल पारित होने का सारा क्रेडिट विपक्ष को देने का भरोसा तक दिलाया, लेकिन कांग्रेस व विपक्ष का मन साफ नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी चाहते थे कि जो नारी शक्ति वन्दन विधेयक 2023 में पारित हुआ है, उसको सन 2029 के चुनाव से पहले लागू किया जाए। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी तथा कमलेश जांगड़े, महापौर मीनल चौबे एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता (मध्यप्रदेश) नेहा बग्गा उपस्थित रहीं।