• ड्यूटी कर रहे 30 लोगों पर मौत बनकर गिरी आग, कैसे तमिलनाडु पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका

    तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में हादसे के वक्त 30 से अधिक कामगार मौजूद थे. विस्फोट के कारण कई कर्मचारी मलबे के नीचे  बुरी तरह नीचे दब गए. हालांकि, राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचकर अपना काम शुरू कर दिया. वहीं, फायर ब्रिगेड ने 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझा पाई. उधर, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश जारी है.

    चेन्नई, 19 अप्रैल 2026. तमिलनाडु के विरुदुनगर जिले के कट्टानारपट्टी इलाके में स्थिति वनजा पटाखा फैक्ट्री में रविवार को एक जोरदार धमाका हुआ. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई है, जबकि  कई अन्य घायल हैं. आशंका है की फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण यह धमाका हुआ है. इस हादसे पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति  अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है.

    जानकारी के मुताबिक, इस फैक्ट्री का मालिकाना हक गोविंदनाल्लुर निवासी मुथु मानिकम के पास है और यह एक वैध आरडीओ लाइसेंस के तहत संचालित हो रही थी. फैक्ट्री परिसर में 30 से अधिक कमरे बने हुए हैं और यहां 50 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं. रविवार को जब लगभग 30 कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ. इस विस्फोट से फैक्ट्री के कम से कम 4 कमरों को भारी नुकसान पहुंचा और देखते ही देखते वहां अफरा तफरी मच गई.

    हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 1 घंटे से अधिक समय तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया और तब जाकर आग को बुझाया जा सका. हादसे के समय फैक्ट्री में 30 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से कई मलबे के नीचे दब गए. राहत और बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश जारी रखी. इससे पहले, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विरुदुनगर जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कई लोगों की मृत्यु की दुखद खबर पर गहरा दुख जताया एवं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

    मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि मंत्री केके एसएसआर रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों में तेजी लाने और उनकी निगरानी रखने को कहा है. इस घटना की सूचना मिलती ही  मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.