• निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, दुबई घुमाकर फंसाया था जाल में

    कानपुर, 27 मार्च 2026. उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे सभी को हैरत में डाल दिया है. यहां ठगी का ऐसा जाल बुना गया  कि पता ही नहीं चला कि लोगों ने कब अपनी पूंजी एक शातिर ठग के  हवाले कर दी.जी हां, यूपी के कानपुर में दुबई की सैर कराकर ठगी का जाल बुना गया. दरअसल, ठगों ने कंपनी में निवेश के नाम पर बेहतर रिटर्न का ऑफर दिया. इसके बाद देशभर   से करीब 50 से अधिक लोगों से तकरीबन 80 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई. ठगी के शिकार हुए लोगों में 30 से ज्यादा लोग  सिर्फ कानपुर के ही बताए जा रहे हैं. 

    इस मामले में कानपुर साइबर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई है. खबर है कि कंपनी के संचालक पश्चिम बंगाल के वर्धमान निवासी बाबुल मंडल और उनकी पत्नी सर्वमणि मंडल पर धोखाधड़ी और जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. इस बाबत पीड़ित शैलेंद्र कुमार छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी  ने बताया कि 2 वर्ष पहले उनके दोस्त नीरज कुमार और अमित श्रीवास्तव ने उन्हें एक इन्वेस्टमेंट कंपनी के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि यह कंपनी फॉरेक्स मार्केट में ट्रेड करती है. साथ ही हर महीने 5 से  6% तक रिटर्न देती है. मई 2024 में गांधीनगर के एक होटल में इसको लेकर एक मीटिंग हुई थी, जिसमें शांता कुमार दास और विधायक चक्रधर भी मौजूद थे.

    बताया गया की कंपनी का ब्रांच ऑफिस कोलकाता के साल्ट लेक में है. जबकि मुख्य ऑफिस दुबई में होना बताया गया. कंपनी के मालिक बाबुल मंडल और उनकी पत्नी दोनों ने मिलकर कंपनी बनाई थी. इसमें कई लोगों ने निवेश किया था. जो अब ठगी के शिकार हो गए हैं. इससे पहले निवेशकों को कंपनी ने  अच्छा रिटर्न भी दिया था. मीटिंग में जानकारी दी गई कि फरवरी 2025 को कंपनी की पांचवी वर्षगांठ पर सभी को दुबई बुलाया गया है. इस दौरान एमटीईई -9 नामक योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई थी. जिसमें वेबसाइट और पोर्टल के जरिए  निवेश की सुविधा प्रदान की गई.

    उनकी बातों में आकर शैलेंद्र कुमार समेत कई लोगों ने कंपनी में फिर दोबारा निवेश किया. कंपनी ने दावा किया कि उसके कई शहरों में ऑफिस हैं और उसने निवेशकों के करोड़ों रुपए जमा किए हैं. बाद में जानकारी मिली कि उनके साथ ठगी हो गई. हालांकि, कानपुर साइबर थाना पुलिस एक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस संबंध में साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र यादव ने बताया कि जांच शुरू होने के बाद एक टीम कोलकाता भी भेजी जाएगी जो वहां पर तहकीकात करेगी कि और कहां-कहां पर कंपनी के नाम पर शिकायत दर्ज  है.