• Cuttack SCB Medical College Fire: कटक के मेडिकल कॉलेज में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत, राष्ट्रपति ने जताया दुःख

    Cuttack SCB Medical College Fire: कटक के एससीबी अस्पताल में सोमवार तड़के आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई। बचाव के दौरान 11 कर्मचारी भी घायल हुए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। आग लगने की शुरूआती वजह शॉर्ट-सर्किट बताई जा रही है। 

    कटक, 16 मार्च 2026। ओडिशा के कटक में सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहां के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लग गई। इस घटना में अब तक 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि आग सुबह करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच लगी।

    ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू से भड़की आग

    मामले को लेकर एक अधिकारी ने बताया, आग अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में भड़की थी और देखते ही देखते आग ने बड़ा रूप ले लिया। यहां उन मरीजों का इलाज चल रहा था जिनकी हालत बहुत गंभीर थी। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत अस्पताल पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने अभियान चलाकर आग पर काबू पाया।

    11 कर्मचारी भी झुलसे

    मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में अस्पताल के 11 कर्मचारी भी झुलस गए। कुल 23 मरीजों को आनन-फानन में दूसरे विभागों और वार्डों में शिफ्ट किया गया। इस बचाव कार्य में अस्पताल के कर्मचारियों, पुलिस और मरीजों के साथ आए लोगों ने भी सहयोग किया।

    राष्ट्रपति ने जताया दुख

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को ओडिशा के अस्पताल में आग लगने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। घटना पर राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, 'ओडिशा के कटक में एक अस्पताल में आग लगने की दुखद घटना में लोगों की मौत से मुझे बहुत दुख हुआ है। शोक में डूबे परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करती हूं।'

    मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी पहुंचे अस्पताल

    हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां के हालात का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट-सर्किट हो सकती है। आग ने ट्रॉमा केयर आईसीयू के साथ-साथ पास के कुछ और वार्डों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि सात गंभीर मरीजों की मौत शिफ्टिंग के दौरान ही हो गई थी। इसके बाद तीन और मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    मृतक के परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल मरीजों के इलाज में कोई कमी न रहे। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सरकार ने हर मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। फिलहाल अस्पताल में स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है और मामले की गहराई से जांच हो रही है।