नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में भर्ती, समर्थक बोले- बदले की कार्रवाई
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को जेन - जी प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में 77 लोगों की मौत हुई थी. सरकार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है. जबकि ओली समर्थक इसे राजनीतिक बदला बता रहे हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
काठमांडू, 28 मार्च 2026. नेपाल की राजनीति में यह हफ्ता ऐतिहासिक रहा. जब एक ओर जेन - जी आंदोलन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया और गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार हैं और उनका पहले कई बार किडनी ट्रांसप्लांट भी हो चुका है. इस कार्रवाई से नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भक्तपुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया और जिला पुलिस रेंज काठमांडू लाया गया. बाद में मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया. इस मामले में नेपाली कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है. सरकार की ओर से यह कार्रवाई एक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है.
गिरफ्तारी के पीछे क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह मामला बीते वर्ष हुए जेन - जी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. इन प्रदर्शनों के दौरान नेपाल में हिंसा हुई थी, जिसमें 77 लोगों की जान चली गई और बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. जांच आयोग ने इसे आपराधिक लापरवाही का मामला माना और कार्रवाई की सिफारिश की थी.
क्या जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई?
पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की की अगवाई वाले आयोग ने अपनी रिपोर्ट में केपी शर्मा ओली समेत कई बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की सिफारिश की थी. इसके बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अगवाई वाली कैबिनेट ने इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया. इसी के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर कार्रवाई की है.
क्या बोले ओली समर्थक?
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के करीबी और सीपीएन - यूएमएल नेता प्रदीप ज्ञावली ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है. उनका कहना है कि यह उनके नेता को निशाना बनाने की साजिश है. वहीं, पार्टी मुख्यालय में इस मुद्दे को लेकर बैठक बुलाई गई है.
और किस पर हो सकती है कार्रवाई?
रिपोर्ट में कई और अधिकारियों के नाम शामिल है, जिन पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है. इनमें पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. हालांकि, कुछ के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कुछ को चेतावनी देने की बात कही गई है.