• लेटेस्ट सर्वे ने  चौंकाया, बंगाल में बीजेपी को  100 सीटें मिलने का अनुमान, टीएमसी  को कुछ नुकसान किसकी बन सकती है सरकार

    पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ताजा ओपिनियन पोल के नतीजे सामने आए हैं, जिसके मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस  एक बार फिर से बहुमत के साथ सरकार बन सकती है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-

    कोलकाता, 5 अप्रैल 2026. पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर  एक नए ओपिनियन पोल में बड़ा संकेत मिला है. इस सर्वे के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) एक बार फिर से सत्ता में  वापसी कर सकती है और लगातार चौथी बार  सरकार बना सकती है. हालांकि, इस बार सीटों की संख्या पहले से कुछ कम रहने का अनुमान जताया गया है. राज्य में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है, यानी टीएमसी  आराम से बहुमत हासिल कर सकती है. जबकि भाजपा के प्रदर्शन में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है. सर्वे के मुताबिक बीजेपी को  100 से 108 सीटें मिल सकती है, जो पिछले अनुमान से कुछ अधिक है.

    दूसरी तरफ कांग्रेस और  वाम दल इस बार भी कोई खास असर नहीं दिखा पा रहे हैं और इन्हें सिर्फ 0 से 6 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. इससे पहले  23 मार्च को आए एक सर्वे में  टीएमसी को 184 से 194 और बीजेपी को 98 से 106 सीटें मिलने का अनुमान था, लेकिन नए सर्वे में बीजेपी की स्थिति थोड़ी मजबूत होती दिख रही है और टीएमसी की सीटें कुछ कम आंकी गई है.

    2021 के चुनाव में टीएमसी को कितनी सीटें मिली थी?

    अगर 2021 के चुनाव की बात करें तो उस समय तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि भाजपा को  77 सीटें मिली थी. लेकिन अब नया सर्वे  यह संकेत देता है कि इस बार टीएमसी तो सत्ता में रहेगी, लेकिन भाजपा पहले से कुछ अधिक मजबूत विपक्ष बनकर उभर सकती है. वहीं, इलाकों के हिसाब से देखें  तो कुछ जगहों पर मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है. मसलन, मिदनापुर में बीजेपी को बढ़त मिलती  दिख रही है, जबकि प्रेसीडेंसी और मालदा इलाके में तृणमूल कांग्रेस  मजबूत नजर आ रही है. इन इलाकों का प्रदर्शन अंतिम नतीजे पर बड़ा असर डाल सकता है. यदि मुख्यमंत्री के चेहरे की बात करें तो ममता बनर्जी अभी भी सबसे पसंदीदा नेता है. सर्वे में 46.4% लोगों ने उन्हें पसंद किया है, जबकि भाजपा के सुवेंदु अधिकारी को 34.9% समर्थन मिला है. वहीं, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और  सीपीएम के मोहम्मद सलीम काफी पीछे हैं.

    क्या है मतदाताओं का सबसे बड़ा मुद्दा 

    मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी और विकास है, जिसे 35. 1% लोगों ने अहम बताया है. इसके बाद कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा, फिर मतदाता सूची से जुड़ा मुद्दा, महंगाई और अन्य समस्याएं आती हैं. सरकारी योजनाओं को लेकर भी लोगों में मिला-जुला नजरिया है. खासकर युवाओं के लिए चल रही योजनाओं पर 53.6% लोगों ने कहा कि इससे बेरोजगारी समस्या हल नहीं होगी. धर्म और जाति के आधार पर वोटिंग का रुझान भी साफ दिखता है. मुस्लिम वोटर ज्यादा संख्या में तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं, जबकि एससी - एसटी और ऊंची जाति के हिंदू मतदाताओं में बीजेपी को अधिक समर्थन मिल रहा है. राज्य सरकार के कामकाज को लेकर भी लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोग इसे अच्छा मानते हैं तो  बड़ी संख्या में लोग इसे खराब भी बताते हैं.