बंगाल में शराब तो तमिलनाडु में कैश का बोलबाला, चुनावी प्रदेशों से 651 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त
चुनाव आयोग ने जहां पश्चिम बंगाल में वोटरों के लिए सबसे अधिक शराब, तो दूसरी ओर तमिलनाडु में कैश जब्त की है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट ---
कोलकाता/ चेन्नई, 8 अप्रैल 2026. चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे चुनावों में वोटरों को रिझाने के लिए पैसा और शराब का सबसे अधिक इस्तेमाल की कोशिश हो रही है. चुनाव आयोग ने रविवार को कहा कि चुनावी प्रदेशों में प्रवर्तन अधिकारियों ने वोटरों को रिझाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 650 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कैश, मादक पदार्थ और शराब जब्त की है. चुनाव आयोग ने जहां पश्चिम बंगाल में वोटरों के लिए सबसे ज्यादा शराब, तो वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में कैश जब्ती की है.
650 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त
चुनाव आयोग की जांच टीमों की रिपोर्ट में यह जानकारी आई है कि रविवार तक चुनावी प्रदेशों समेत उप चुनाव वाले इलाकों से कुल 651 करोड़ रुपए से ज्यादा सामग्री जब्त की जा चुकी है. इन सामान में कैश, शराब और नशीले पदार्थ शामिल हैं. आयोग का मानना है कि यह सामग्री वोटरों को लुभाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी लेकिन प्रवर्तन विभाग ने पहले ही इस सामग्री को जब्त कर लिया.
बंगाल से 319 करोड़ रुपए की अवैध कैश जब्त
आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल से 319 करोड़ की अवैध कैश, मादक पदार्थ, शराब और कीमती धातुएं बरामद की गई है. जबकि तमिलनाडु से 170 करोड़ रुपए कैश जब्त किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल उन प्रदेशों में शामिल हैं, जहां पर सबसे अधिक शराब पकड़े गए हैं. यहां जांच टीमों ने अब तक 21 लाख 29 हजार 103 लीटर शराब पकड़ी गई है, जबकि तमिलनाडु में 74 हजार 29 लीटर, असम में 21 लाख 46 हजार 27 लीटर, केरल में 64 हजार 8 सौ 62 लीटर और पुडुचेरी में 11 हजार 68 लीटर शराब पकड़ा जा चुका है.
अब तक सभी चुनावी प्रदेशों में कुल 29 लाख 63 हजार 689 लीटर शराब जब्त की जा चुकी है. इसके अलावा कैश के मामले में तमिलनाडु में सबसे अधिक
जब्ती हुई है. यहां पर अब तक आयोग ने 30 करोड़ से अधिक की राशि पकड़ी है. पश्चिम बंगाल में 11 करोड़, असम में 4 करोड़, केरल में 8 करोड़ और पुडुचेरी में 20 लाख रुपए कैश पकड़े जा चुके हैं. इन प्रदेशों में सिर्फ पैसा और शराब ही नहीं, बल्कि अन्य नशीले पदार्थ और उपहार भी जांच के दौरान पकड़े गए. इन चीजों में सभी प्रदेशों से कुल 230 करोड़ रुपए मूल्य के नशीले पदार्थ, 58 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं, 231.01 करोड़ रुपए के मुफ्त उपहार पकड़े जा चुके हैं.
शिकायत समिति का हुआ गठन
चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक जितनी भी धनराशि और सामान पकड़ा गया है, उसकी कुल कीमत 651.51 करोड रुपए हैं . आयोग का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों को उत्पीड़न से बचाने के लिए आयोग की ओर से जिला स्तर पर शिकायत समितियों का भी गठन किया गया है और इसके लिए 5173 से अधिक उड़नदस्तों को तैनात किया गया है.