• डीलिमिटेशन बिल के विरोध में एम. के. स्टालिन, तमिलनाडु के सीएम ने बिल की कॉपी जलाई, फहराया काला झंडा

    स्टालिन ने आरोप लगाया कि भाजपा नारी वंदन बिल के बहाने दक्षिण की सीटें उत्तर भारत की तुलना में कम करने की साजिश कर रही है। डीलिमिटेशन बिल के खिलाफ आज हर घर काला झंडा फहराने का आह्वान करने वाले तमिलनाडु के सीएम एमएके स्टालिन ने नामम्क्कल में काला झंडा फहराकर इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की।

    नमक्कल, 16 अप्रैल 2026। डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को काले कपड़े पहनकर, केंद्र सरकार के परिसीमन कदम के विरोध में काला झंडा फहराया। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन विधेयक की एक प्रति भी जलाई। इस दौरान स्टालिन ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में अभूतपूर्व काम करने वाले दक्षिणी राज्यों के साथ केंद्र की मोदी सरकार बड़े पैमाने पर नाइंसाफी कर रही है।

    सीएम स्टालिन ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, "डीलिमिटेशन: विरोध पूरे तमिलनाडु में फैले। सीएम ने एक्स पर कहा कि आज, ''मैंने उस काले कानून की कॉपी जलाकर एक और आग सुलगाई है जो तमिलों को उनकी ही ज़मीन पर रिफ्यूजी बना देता है। यह आग भी द्रविड़ ज़मीन पर फैलेगी। यह बीजेपी के घमंड को तोड़ देगी।" 

    प्रदेश की जनता से बिल का विरोध करने की अपील

    सीएम स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की है कि वे आज अपने घरों के सामने काले झंडे फहराएं। बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और तमिलनाडु की जनता के लिए जारी एक वीडियो संदेश में स्टालिन ने केंद्र की सरकार पर डीलिमिटेशन बिल के जरिये लोकतांत्रिक व्यवस्था में दक्षिणी राज्यों की अहमयित को ख़त्म करने की साज़िश करने का गंभीर आरोप लगाया था। 

    डीलिमिटेशन बिल का विरोध कर रहा है विपक्ष
    प्रस्तावित डीलिमिटेशन बिल का विरोध विपक्ष कर रहा है। केंद्र द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लागू करने के लिए ड्राफ्ट अमेंडमेंट बिल को हाल ही में मंजूरी देने के बाद विरोध और बढ़ गया है। विपक्ष ने चुनावी मौसम के बीच संसद की स्पेशल मीटिंग बुलाने में जल्दबाजी पर भी एतराज़ जताया है।  

    डीलिमिटेशन बिल के विरोध में तमिलनाडु के मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी के तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर में घर पर भी काले झंडे लगाए गए हैं। महेश ने कहा कि केंद्र सरकार लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने की योजना बना रही है। एक साल पहले ही हमारे मुख्यमंत्री ने दक्षिणी राज्यों के महत्वपूर्ण नेताओं की एक कॉन्फ्रेंस बुलाई थी और हमारी आवाज़ें रिकॉर्ड की थीं। हम इसे राज्य के अधिकार छीनने की कार्रवाई के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि यूपी जैसे राज्यों में संसद सीटों की संख्या 80 से बढ़कर 120 हो जाएगी। जबकि तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 होंगी। केवल 20 सीटें बढ़ेंगी वहीं यूपी जैसे राज्य में सीधे 40 सीटें बढ़ेंगी। ड्राफ्ट रिपोर्ट अभी तक विपक्षी पार्टियों को नहीं दी गई है। फेडरलिज्म पर बहस होनी चाहिए।