• धनसुली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

    बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब प्रशासन आंख-कान बंद कर बैठ जाए तो जनता नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो जाती है। क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री खुशवंत साहेब के पत्र को भी कार्रवाई करने की बजाय जिम्मेदारों ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। 

    रायपुर, 9 मार्च 2026। राजधानी के दीनदयाल आवास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी धनसुली के रहवासी सीवरेज की समस्या से परेशान हैं। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त अवनीश शरण एवं कार्यपालन अभियंता संदीप साहू से बार- बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय विधायक एवं अनुसूचित जाति मंत्री खुशवंत साहेब के निर्देश के बाद भी हाउसिंग बोर्ड के जिम्मेदारों के कान में जू तक नहीं रेंग रहा है। वहां के रहवासियों ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को भी पत्र लिखकर कॉलोनी में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करने की गुहार लगाई लेकिन अभी भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि दीनदयाल आवास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मुख्य सेप्टिक टैंक भर गया है जिसकी 15 सालों से सफाई नहीं हुई है। जिसके कारण सीवरेज की समस्या बनी हुई है। सीवरेज पाइपलाइन जाम हो गया है और कॉलोनीवासी बदबू से परेशान है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंता, हाउसिंग बोर्ड संदीप साहू से कई बार शिकायत कर चुके हैं परन्तु आज तक सफाई नहीं हुई है। वह सिर्फ आश्वासन देते हैं लेकिन सेप्टिक टैंक की सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। इस संबंध में हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल 'आज की आवाज' ने भी कार्यपालन अभियंता से बात की तो उन्होंने कॉलोनी वासियों की तरह हमें भी आश्वासन दिया।

    वहीं धनसुली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि वहां प्रतिदिन दो बार पानी की आपूर्ति भी नहीं की जा रही है। शिकायत करने पर पंप खराब होने का बहाना बनाया जाता है। स्थानीय निवासी लेखराम साहू ने बताया कि कॉलोनी में सीवरेज चेंबर का ढक्कन खुला हुआ है जिससे बहुत बदबू आती है। न तो नियमित सफाई होती है और न ही रोजाना कचरे का उठाव  होता है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हम लोगों का यहां स्वच्छ वातावरण में सांस लेना भी दूभर हो गया है। इस संबंध में कॉलोनीवासियों ने पत्र लिखकर आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद  का भी ध्यान आकृष्ट कराया है।