• रामकृष्ण अस्पताल का सेप्टिक टैंक साफ करने उतरे 3 स्वीपर की दम घुटने से मौत, परिजनों को मृतकों से मिलने से रोका

    रायपुर में बड़ा हादसा हो गया। पचपेड़ी नाका क्षेत्र स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल का सेप्टिंक टैंक साफ करने उतरे तीन मजदूरों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी अनुसार टैंक में जहरीली गैस से दम घुटने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन पर मौतों को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। अस्पताल के बाहर परिजन ने हंगामा कर दिया...

    रायपुर,18 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक अस्पताल में गटर साफ करने के लिए उतरे तीन सफाईकर्मियों की जहरीली गैस और दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन पर मौतों को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा कर दिया। दूसरी और अस्पताल प्रबंधन इतने गंभीर मामले को छिपाने का प्रयास करता रहा, जिस कारण परिजन और भड़क गए। देर रात तक अस्पताल के हर हंगामा जारी था। पुलिस मौके पर मौजूद है और स्थिति को संभाल रही है। वहीं रामकृष्ण केयर अस्पताल में दो मौतों की पुष्टि की है।

    जानकारी अनुसार रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में गटर और टैंक साफ करने के लिए मजदूरों को बुलाया गया था। गटर (सीवरेज टैंक)अस्पताल के पीछे स्थित है। इसे साफ करने उतरे सफाईकर्मियों की एक-एक कर मौत हो गई। बताया जा रहा कि स्वीपरों की मौत की जानकारी काफी देर बाद अन्य लोगों को लगी थी। मिली जानकारी अनुसार इस हादसे में अनमोल माझी (25), गोविंद सेंद्रे (35) और सत्यम कुमार (22) की मौत हो गई। घटना स्थल के पास एंबुलेंस खड़ी मिली, जिस पर आरोप है कि उसे मीडिया से बचने के लिए वहां लगाया गया था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों के साथ-साथ लापरवाही के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।

    अस्पताल के अंदर जाने से रोका गया

    रामकृष्ण हॉस्पिटल में गटर हादसे के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजन बिलखते नजर आए। गोविंद सेंद्रे के भाई ने रोते हुए कहा— “मेरा भाई मुझे लौटा दो”। परिजनों को अस्पताल के अंदर जाने से रोक दिया गया, जिससे आक्रोश बढ़ गया और पुलिस व परिजनों के बीच झूमाझटकी भी हुई। अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा रही और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

    बिना सुरक्षा के काम करवाने का आरोप

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के उन्हें गटर में उतारा गया। जहरीली गैस के रिसाव की आशंका के बावजूद पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अंदर किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया। इस दौरान परिजनों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    रात 8 बजे के बाद हुआ हादसा

    जानकारी के मुताबिक, हादसा रात करीब 8 बजे के बाद हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने सीवरेज टैंक की सफाई के लिए स्वीपर बुलाए थे। सफाई के दौरान जैसे ही पहला कर्मचारी नीचे उतरा, वह जहरीली गैस की वजह से बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए एक-एक कर 3 साथी भी नीचे उतरे, लेकिन वे भी गैस का शिकार हो गए।