• भवानीपुर में टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प, ममता पर भड़के शुभेंदु

    पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की रैलियों के बीच हिंसक झड़प हुई है. ममता बनर्जी ने बीजेपी पर रैली में बाधा डालने का आरोप लगाया और  अपना भाषण बीच में ही रोक दिया. इसके बाद टीएमसी और बीजेपी समर्थक आपस में भिड़ गए. शुभेंदु अधिकारी ने इसके लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ  की विशेष रिपोर्ट:-

    कोलकाता, 26 अप्रैल 2026. पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार जोरों पर है. इस बीच दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में शनिवार शाम को हिंसक झलक देखने को मिली. दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की रैलियां  एक  - दूसरे से महज 100 मीटर की दूरी पर आयोजित हुई. इस दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थक  आपस में भिड़ गए. ममता बनर्जी ने रैली के दौरान बीजेपी पर  अपनी जनसभा में खलल डालने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पास में ही आयोजित शुभेंदु अधिकारी की रैली में लाउडस्पीकर का तेज इस्तेमाल करके उनके कार्यक्रम को बाधित किया जा रहा था. इस शोर से परेशान होकर मुख्यमंत्री ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया.

    सीएम ममता ने रैली में मौजूद भीड़ से माफी मांगी और कार्यक्रम स्थल छोड़कर  चली गई. ममता बनर्जी के जाने के बाद टीएमसी कार्यकर्ता गुस्से में आ गए और विरोध जताने के लिए  सुवेंदु अधिकारी की रैली की तरफ चले गए. इसी दौरान टीएमसी  और भाजपा समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई. मामला इतना बढ़ गया कि सुरक्षा बलों को  दखलअंदाजी करना पड़ा और कड़ी मशक्कत के बाद  स्थिति पर काबू पाया गया. हालांकि, शुभेंदु अधिकारी उसे दौरान वहां मौजूद नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने  इस हिंसा के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया.

    शुभेंदु अधिकारी का सीएम ममता पर जोरदार हमला
    शुभेंदु ने कहा कि बीजेपी इस 'गुंडाराज ' का करारा जवाब देगी. वहीं भाजपा नेता अमित मालवीय ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हार के डर से ममता बनर्जी अपना आपा खो रही है. बता दें कि भवानीपुर को ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है. वो 2011 से अब तक लगातार तीन बार यहां से जीत हासिल कर चुकी है. बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण में वोटिंग हो चुकी है, जबकि  भवानीपुर समेत  141 सीटों पर 29 अप्रैल, बुधवार को वोट डाले जाएंगे और वोटो की गिनती 4 मई को होगी.

    भवानीपुर की लड़ाई क्यों कठिन 

    भवानीपुर सीट पर बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी और सिख समुदाय के लोग रहते हैं. ममता बनर्जी के लिए, भवानीपुर जीतना बहुत जरूरी है ताकि वह कोलकाता की गद्दी पर बनी रह सकें. वहीं शुभेंदु अधिकारी के लिए, यहां जीत हासिल करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी, खासकर 2021 में नंदीग्राम में बनर्जी को हराने के बाद.

    पहले चरण की वोटिंग के बाद अधिक एग्रेसिव दिख रही ममता बनर्जी?

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 93.19% वोटिंग दर्ज किया गया. आयोग ने कहा कि पहले चरण का वोटिंग 23 अप्रैल को 16 जिलों के 152 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ, जिसमें कुल 3.61 करोड़ मतदाताओं में से 3.36 करोड़  ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के बाद सीएम ममता बनर्जी कुछ अधिक ही एग्रेसिव हो गई है.

    वोटिंग के अगले दिन  पीएम मोदी ने जब कोलकाता की हुगली नदी में नौका विहार किया तो ममता बनर्जी इस पर कुछ नाराज दिखीं. वह गंगा उर्फ हुगली को बंगालियों का बताने लगी और पीएम मोदी को दिल्ली में यमुना को साफ कराने की नसीहत देने लगी. अब भवानीपुर में जिस तरह से ममता बनर्जी जनसभा छोड़कर चली गई, इसको लेकर काफी बातें शुरू हो गई हैं. इस घटना को टीएमसी पर मनोवैज्ञानिक  जीत के रूप में भी देखा जा रहा है.