• बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार, 9 मई को होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण

    समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-
    नई दिल्ली, 5 मई 2026. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को सामने आए, जिनमें पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. प्रदेश में  पहली बार  बीजेपी सरकार बनाने जा रही है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को आयोजित किया जाएगा. खास बात यह है कि इसी दिन महान साहित्यकार रविंद्र नाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी मनाई जाएगी, जिससे इस तारीख का सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया है.

    बंगाल में 9 में को होने वाला शपथग्रहण समारोह कई मायनों में विशेष रहेगा. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा और शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन प्रमुख हस्तियां शामिल होंगे.

    तमिलनाडु में स्टालिन का इस्तीफा

    वहीं, तमिलनाडु में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चुनाव परिणाम आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्र बताते हैं कि उनका इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के कार्यालय को भेजा है. स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी डीएमके अब एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी, क्योंकि उन्हें विधानसभा चुनाव में 73 सीटें मिली है.

    पांच प्रदेशों के चुनावी नतीजों के बाद देश की लगभग 78 फ़ीसदी आबादी और 72 फ़ीसदी भू भाग पर बीजेपी और उसके सहयोगियों का शासन हो गया है. गंगासागर से लेकर कन्याकुमारी तक फैले इस जनादेश  ने विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को बड़ा झटका दिया है, जिसमें ममता बनर्जी और एमके स्टालिन प्रमुख रहे हैं.

    विपक्ष की बदलती रणनीति

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनाव नतीजों के बाद विपक्ष की लड़ाई अब सत्ता हासिल करने से अधिक अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की हो गई है. केरल में कांग्रेस की जीत ने उसे कुछ राहत दी है, लेकिन इससे विपक्ष के भीतर नई रणनीतिक चुनौतियां भी सामने आएंगी. केरल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कहा कि  वे सीपीआई (एम) की  हार पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन पार्टी को अपनी नीतियों और फैसलों पर पुनर्विचार करना होगा. उन्होंने कहा कि जनता ही असली ताकत है और सत्तारूढ़ दल को उनकी  अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना चाहिए.

    बंगाल में टीएमसी का प्रदर्शन

    पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में से 9 जिलों में  तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई. इन क्षेत्रों की सभी 68 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है. जो प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्शाता है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच मिलीभगत से 100 से अधिक सीटों पर गड़बड़ी हुई है.

    समिक भट्टाचार्य का बयान

    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने  कहा है कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं है, बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल को बदलना है. उन्होंने कहा कि पार्टी सामाजिक संतुलन और बहुलता को फिर से स्थापित करना चाहती है. इसके अलावा अपने घोषणा पत्र की हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.