• बिजली खंबे की तार में चिंगारी से पहले घर में लगी आग, फिर फटा सिलेंडर, एक परिवार के चार लोग जिंदा जले

    दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके में मंगलवार को एक घर में आग लगने के बाद गैस सिलेंडर फटने से भीषण हादसा हो गया. इस हृदय विदारक घटना में पिता, उनकी दो बेटियां और डेढ़ साल की नातिन जिंदा जल गए. इस घटना में सब कुछ जलकर तबाह हो गया. मृतकों के परिजनों को सरकार ने 5-5 लाख और जिला प्रशासन ने 4-4 लाख देने की घोषणा की है। 
    दुर्ग, 13 मई 2026. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक दुर्घटना हुआ. यहां के कुम्हारी इलाके में खपरी गांव में एक घर में आग लगने के बाद गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. इस हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की जलकर मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में अपरा -  तफरी मच गई. पुलिस के मुताबिक, यह दुर्घटना दोपहर समय हुआ और आग लगने के बाद घर में खाना पकाने का गैस सिलेंडर विस्फोट हो गया, जिससे आग और भी तेजी से फैल गई. इस हादसे में घर के अंदर मौजूद चार लोगों की मौत हो गई.
     
    बिजली तार की चिंगारी से पहले घर में लगी आग
    वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली खंबे के तार पर चिंगारी लगने से पहले घर में आग लगी. उसके बाद  आग की चपेट में आने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. फिर घर में मौजूद सभी लोग जो जहां थे वहीं जिंदा जल गए. पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान-- अनिल वैष्णव(45), लक्ष्मी वैष्णव(20), चांदनी(18) और गोपिका (1.5) के तौर पर हुई है. मृतकों में डेढ़ साल की बच्ची भी शामिल है. गनीमत है उस समय मृतक की पत्नी, उनका बेटा और एक बेटी घर से बाहर थे। इसीलिए बच गए। हादसे में सब कुछ उजड़ गया. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन  सदमे में है. हालांकि, शुरुआती पुलिस जांच में ऐसा लग रहा है कि पहले घर में आग लगी और उसके बाद गैस सिलेंडर विस्फोट हो गया, इसी कारण सभी 4 लोगों की जान चली गई.
     
    मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपए दिए जाएंगे
     
    जानकारी मिलते ही दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसपी विजय अग्रवाल घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। वहीं सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा गजेंद्र यादव गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उधर मुख्यमंत्री ने घटना को दर्दनाक बताते हुए पीड़ित परिवार के लिए संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपए दिए जाएंगे। 
     
    भूपेश बघेल ने 50- 50 लाख रुपए देने की मांग की
     
    पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक भूपेश बघेल भी गांव पहुंचे और बोले कि बिजली खंबे की चिंगारी से आग लगने के कारण यह घटना घटी है। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग करने के बाद भी बिजली के लटके हुए तार को नहीं सुधारा गया। बिजली विभाग के संबंधित  अधिकारियों पर कार्य एफआईआर दर्ज की जाए और मृतकों के परिजनों को सरकार 50-50 लाख की मुआवजा दे।
     
    पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी  मिली
    जानकारी के मुताबिक, फॉरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि आग लगने की असली वजह का पता चल सके. इस हादसे के बाद पूरे इलाके में जहां दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग भी घटना से सदमे में है.